नितिन गडकरी का दावा- पेट्रोल के 25 रुपए प्रति लीटर के बराबर हो सकती है रनिंग कॉस्ट, हाइब्रिड सिस्टम के साथ इलेक्ट्रिक मोटर भी
नई दिल्ली। टोयोटा भारत में जल्द ही ऐसी इनोवा हाईक्रॉस लाने की तैयारी में है, जो 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चल सकेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, टोयोटा की नई फ्लेक्स-फ्यूल इनोवा अक्टूबर में लॉन्च हो सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी लॉन्च की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
इस नई इनोवा की खासियत इसका फ्लेक्स-फ्यूल इंजन और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम होगा। इसमें इलेक्ट्रिक मोटर और छोटी बैटरी भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य इथेनॉल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल कर ईंधन की खपत और संचालन लागत को कम करना है।

25 रुपए प्रति लीटर की बात का क्या है मतलब
गडकरी ने कार की रनिंग कॉस्ट को लेकर दावा किया है कि इसे चलाने का खर्च पेट्रोल की कीमत करीब 25 रुपए प्रति लीटर होने के बराबर हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इथेनॉल 25 रुपए प्रति लीटर मिलेगा। यह केवल कार को चलाने की अनुमानित लागत की तुलना है।
गडकरी ने इस आंकड़े की विस्तृत गणना सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए फिलहाल इसे दावा ही माना जाना चाहिए। कार के वास्तविक माइलेज, इथेनॉल की खपत और वास्तविक परिस्थितियों में संचालन लागत की तस्वीर लॉन्च के बाद ही स्पष्ट होगी।
इथेनॉल के साथ इलेक्ट्रिक मोटर करेगी मदद
इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में कम होती है। ऐसे में समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की जरूरत पड़ सकती है। टोयोटा ने इस चुनौती को स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड तकनीक के जरिए कम करने की कोशिश की है।
हाइब्रिड सिस्टम में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर और छोटी बैटरी काम करती है। ड्राइविंग की स्थिति के अनुसार इलेक्ट्रिक मोटर और इंजन के बीच काम का बंटवारा होता है। कम गति या कुछ परिस्थितियों में कार इलेक्ट्रिक मोटर से चल सकती है, जबकि जरूरत बढ़ने पर इंजन सक्रिय हो जाता है।
2023 में दिखाया था प्रोटोटाइप
टोयोटा ने अगस्त 2023 में इनोवा हाईक्रॉस पर आधारित इलेक्ट्रिफाइड फ्लेक्स-फ्यूल प्रोटोटाइप पेश किया था। इसमें फ्लेक्स-फ्यूल इंजन के साथ स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन दिया गया था। कंपनी ने बताया था कि वाहन को बाजार में उतारने से पहले कैलिब्रेशन, होमोलोगेशन और सर्टिफिकेशन जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
प्रोटोटाइप में करीब 1.3 से 1.5 किलोवाट-घंटे की छोटी बैटरी का इस्तेमाल किया गया था। यह बैटरी सामान्य इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी की तुलना में काफी छोटी है, लेकिन हाइब्रिड सिस्टम को इलेक्ट्रिक मोटर चलाने में मदद करती है।
60 प्रतिशत बिजली वाले दावे को ऐसे समझें
गडकरी ने इस कार के बारे में यह भी कहा है कि यह चलते समय 60 प्रतिशत बिजली पैदा करेगी। इस दावे को इस अर्थ में नहीं समझना चाहिए कि कार अपनी कुल ऊर्जा जरूरत का 60 प्रतिशत खुद बिजली बनाकर पूरा करेगी।
यह आंकड़ा मुख्य रूप से हाइब्रिड सिस्टम के इलेक्ट्रिक मोड में संचालन से जुड़ा माना जा रहा है। हाइब्रिड कार में कुछ परिस्थितियों में इंजन बंद रह सकता है और वाहन इलेक्ट्रिक मोटर से चल सकता है। हालांकि, 100 प्रतिशत इथेनॉल पर वास्तविक प्रदर्शन और इलेक्ट्रिक मोड में संचालन का अनुपात आधिकारिक परीक्षण आंकड़े सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कीमत और माइलेज का इंतजार
यदि टोयोटा इस मॉडल को अक्टूबर में बाजार में उतारती है तो यह भारत में फ्लेक्स-फ्यूल और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण मॉडल होगा। फिलहाल इसकी कीमत, वास्तविक माइलेज, 100 प्रतिशत इथेनॉल पर ईंधन खपत और 25 रुपए प्रति लीटर के बराबर बताई गई रनिंग कॉस्ट का विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इन जानकारियों की तस्वीर कंपनी के आधिकारिक लॉन्च के बाद ही साफ होगी।


















