रायपुर। प्रदेश में उद्यानिकी सेवाओं के विस्तार और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े दो महत्वपूर्ण मामलों को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। एक ओर ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों के 232 पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर आदिम जाति विकास विभाग के 113 कन्या आश्रम एवं छात्रावास अब भी महिला होमगार्ड के बिना संचालित हो रहे हैं।
विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, उद्यानिकी विभाग में ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों के स्वीकृत 633 पदों में से 232 पद वर्तमान में रिक्त हैं। इन पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया वर्ष 2019 से लंबित है। विभाग ने वर्ष 2023, 2024 और 2025 में भर्ती संबंधी प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजे, लेकिन पूर्व अनुमति नहीं मिलने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
इसका असर सीधे किसानों तक पहुंचने वाली योजनाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी किसानों और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं। वे किसानों को फल, फूल, मसाला, औषधीय एवं सब्जी फसलों की उन्नत खेती का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी का कार्य भी करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इन अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। वे बीज, कीटनाशक, ड्रिप सिंचाई उपकरण और अन्य कृषि सामग्रियों का भौतिक सत्यापन कर अनुदान भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करते हैं। इसके अलावा नर्सरी प्रबंधन, जैविक खाद निर्माण तथा आधुनिक खेती तकनीकों को गांव स्तर तक पहुंचाने का दायित्व भी उन्हीं पर होता है।
आदिवासी अंचलों में संचालित पोषण आधारित कृषि, बाड़ी विकास, टपक सिंचाई और फेंसिंग जैसी परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन में भी इन अधिकारियों की अहम भूमिका रहती है। पद रिक्त रहने से कई योजनाओं का लाभ किसानों तक अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंच पा रहा है।
वहीं आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत संचालित कन्या आश्रमों और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। विभाग द्वारा संचालित कुल 1,306 कन्या आश्रम एवं छात्रावासों में महिला होमगार्ड की तैनाती का प्रावधान है, लेकिन वर्तमान में केवल 1,193 संस्थानों में ही महिला होमगार्ड कार्यरत हैं। शेष 113 संस्थान बिना महिला होमगार्ड के संचालित हो रहे हैं।
छात्राओं की सुरक्षा, अनुशासन और आपात स्थिति में सहायता के उद्देश्य से महिला होमगार्ड की नियुक्ति की जाती है। हालांकि विभागीय नियमों में इन छात्रावासों में नर्स की नियुक्ति का कोई प्रावधान नहीं है। यह जानकारी विधानसभा में कृषि एवं आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों को भरने और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों की आय बढ़ाने, पोषण सुरक्षा मजबूत करने और बागवानी आधारित रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए उद्यान विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरना आवश्यक है। वहीं कन्या छात्रावासों में महिला होमगार्ड की शत-प्रतिशत तैनाती भी छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से जरूरी मानी जा रही है।


















