राष्ट्रीयट्रेंडिंग

लोकसभा से वक्फ बिल पारित, आज राज्यसभा में पेश होगा वक्फ बिल

लोकसभा में 12 घंटे से अधिक चर्चा के बाद बुधवार देर रात दो बजे वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित कर दिया गया. मत विभाजन के बाद विधेयक के पक्ष में 288 जबकि विरोध में 232 मत पड़े. इसी के साथ लोकसभा ने विधेयक पर मुहर लगा दी.

इससे पहले विधेयक पर सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच दोपहर 12 बजे से देर रात तक घमासान मचा रहा. संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए आठ घंटे के लिए तय समय को पहले दो घंटे बढ़ाया गया, हालांकि रात दो बजे विधेयक पारित किया जा सका. भाजपा के सहयोगी दल टीडीपी और जदयू ने चर्चा में बिल का समर्थन किया. मैराथन चर्चा के बाद बिल में गैर मुस्लिम सदस्यों वाले संशोधन की मांग पर वोटिंग हुई. विपक्ष से गौरव गोगोई, ओवैसी, केसी वेणुगोपाल, सौगत राय, इमरान मसूद, अरविंद सावंत का संशोधन ध्वनिमत से अस्वीकार हुआ.

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विधेयक को पेश करते हुए कहा कि इसके माध्यम से सरकार और वक्फ बोर्ड मस्जिद समेत किसी धार्मिक संस्था के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करेगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा, बिल पूर्व प्रभाव से लागू नहीं होगा. विपक्ष इसके बहाने मुस्लिम भाइयों को डरा रहा है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ विधेयक मुसलमानों के लिए है, पर सरकार मुसलमानों की बात नहीं सुन रही है. चर्चा में भाग लेते हुए जद(यू) के सांसद एवं पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि विपक्षी दल इस विधेयक को लेकर एक अलग तरह का विमर्श गढ़ने की और देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. चर्चा में भाग लेते हुए तेदेपा सांसद कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि केंद्र को अधिनियम के लिए नियम बनाते समय राज्यों को वक्फ बोर्ड की संरचना तय करने में लचीलापन प्रदान करने पर विचार करना चाहिए.

एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने विरोध में बिल की प्रति फाड़ दी. इसके बाद जगदंबिका पाल ने कहा कि अगर भाजपा चाहती तो विधेयक पारित करा सकती थी, लेकिन फिर भी उन्होंने इसे जेपीसी को भेजने का फैसला किया.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि अब किसी की जमीन घोषणा मात्र से वक्फ नहीं बन सकेगी. उन्होंने कांग्रेस के समय 2013 में वक्फ कानून में किए संशोधन पर कहा कि आपने वोट बैंक के लिए किया था, हम खारिज करते हैं.

केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के एक सांसद की इस टिप्पणी पर कि अल्पसंख्यक इसे स्वीकार नहीं करेंगे, कहा कि यह संसद का कानून है, इसे सभी को स्वीकार करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए यह डर फैलाया जा रहा है कि वक्फ विधेयक मुसलमानों के धार्मिक मामलों और उनके द्वारा दान की गई संपत्तियों में दखल है. शाह ने कहा कि इसके कानून का रूप लेने के बाद इसे पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा. यह अधिसूचना जारी होने के दिन से लागू होगा.

शाह ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य औने-पौने दाम पर सौ साल के लिए वक्फ की जमीन किराये पर देने वाले लोगों को पकड़ना है. यह पैसा जो चोरी होता है, उसे पकड़ने का काम वक्फ बोर्ड करेगा. वक्फ में मुसलमान ही रहेंगे, केवल वक्फ परिषद और बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल किया गया है. शाह ने कहा कि वक्फ अधिनियम में 2013 में जो संशोधन लाए गए थे, यदि यह नहीं किया गया होता तो इस संशोधन विधेयक को लाने की जरूरत नहीं पड़ती.

वहीं शाह तृणमूल कांग्रेस सदस्यों की टोका-टाकी पर आक्रामक दिखे. कल्याण बनर्जी के टोकने पर उन्होंने कहा, यह राजनीतिक हिसाब-किताब करने का अखाड़ा नहीं है. बंगाल में आकर छाती ठोककर कहूंगा.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button