आरा। छुट्टी लेकर घर आए झारखंड पुलिस के हवलदार की उनके कमरे में गला रेत कर हत्या कर दी गई। पशुपति नाथ तिवारी हजारीबाग में पुलिस नियंत्रण कक्ष में चालक थे। उनकी हत्या भोजपुर जिला में चांदी क्षेत्र में पैतृक गांव भगवतपुर में हुई। वह शुक्रवार की रात कुछ परिचितों के साथ लिट्टी पार्टी करने के बाद अपने कमरे में सो रहे थे। पत्नी दूसरे कमरे में सो रही थी। शनिवार की सुबह पति को जगाने गई, तो उन्हें खून से लथपथ देखा। गला रेता हुआ था। दाएं हाथ का अगूंठा कटा था। वह 31 जनवरी 2026 को रिटायर होने वाले थे। हत्या की रात बड़ा बेटा विशाल तिवारी हजारीबाग में था।
आरा सदर अनुमंडल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 रंजीत कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। कहा, कि परिवार ने एफआईआर नहीं कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दिन में दो बीघा जमीन का एग्रीमेंट कराया
परिजनों ने बताया, पशुपतिनाथ तिवारी ने अगिआंव प्रखंड के मड़नपुर गांव में दो बीघे जमीन का एग्रीमेंट शुक्रवार को कराया था। इसके एवज में पांच लाख का चेक मिला था। वे शाम को घर पहुंचे। इसके बाद तीन लोगों के साथ घर के अहाते में लिट्टी पार्टी चली। देर रात तक पार्टी चलने के पशुपति नाथ सोने चले गए।


















