छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जमीन, मकान या प्लॉट की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। अब रजिस्ट्री के लिए लोगों को सिर्फ कलेक्टोरेट स्थित कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोगों की बढ़ती परेशानी और रजिस्ट्री कार्यालयों में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए शासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों में नए रजिस्ट्री कार्यालय खोलने का फैसला लिया है। शहर में 7 नए रजिस्ट्री कार्यालय खोलने की तैयारी है। नए कार्यालय शुरू होने के बाद रायपुर में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए कुल 14 स्थानों पर सुविधा उपलब्ध होगी।
अलग-अलग इलाकों में खुलेंगे नए कार्यालय
नए रजिस्ट्री कार्यालय शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में खोले जाएंगे, ताकि लोगों को अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए दूर स्थित कार्यालय तक न जाना पड़े। इससे मौजूदा रजिस्ट्री कार्यालयों पर पड़ने वाला दबाव भी कम होने की उम्मीद है।
भीड़ और परेशानी होगी कम
रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढ़ने से संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को अधिक विकल्प मिलेंगे। इससे कार्यालयों में होने वाली भीड़ कम करने और रजिस्ट्री प्रक्रिया को लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। शासन की इस पहल का उद्देश्य शहर में बढ़ती संपत्ति रजिस्ट्री की जरूरतों को देखते हुए सेवाओं का विकेंद्रीकरण करना है।
मुख्य कार्यालय की भीड़ होगी कम
मिली जानकारी के अनुसार रोजाना करीब 400 जमीनों की रजिस्ट्री हो रही है. इससे मुख्य रजिस्ट्री कार्यालय में भारी भीड़ रहती है. नए केंद्र खुलने से मुख्य कार्यालय की भीड़ कम होगी और लोगों को लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी. नए केंद्रों के लिए आउटर इलाकों में भवन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अभी की स्थिति को देखें तो, बुजुर्ग, महिलाएं और दूर-दराज से आने वाले लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. कई बार बैठने की जगह भी नहीं मिल पाती, जिससे गर्मी और बारिश में परेशानी बढ़ जाती है. नए कार्यालय खुलने से यह समस्या कम होगी.
आउटर इलाकों में नए केंद्र खोले जाएंगे
बताते चलें कि, टाटीबंध-हीरापुर, अमलीडीह-अवंति विहार, बीरगांव-सिलतरा समेत आउटर इलाकों में नए केंद्र खोले जाएंगे. इससे आउटर इलाकों के लोगों को अपने नजदीक ही रजिस्ट्री की सुविधा मिल सकेगी. गौरतलब है कि, नए केंद्रों में आधुनिक डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी. ऑनलाइन प्रक्रिया से रजिस्ट्री का काम और आसान होगा. इससे बिचौलियों पर भी लगाम लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी. वहीं, लोगों को रजिस्ट्री के लिए घंटों लाइन में नहीं लगना पड़ेगा. प्रशासन का मानना है कि रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढ़ाना जरूरी हो गया था.


















