रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में कल 29 मई से तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ होगा। 29 से 31 मई 2026 तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में आम की 250 से अधिक देशी-विदेशी किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ 29 मई को अपरान्ह 4 बजे राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। कृषि मंत्री रामविचार नेताम एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चन्द्रहास चन्द्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
महोत्सव में आम की उन्नत किस्मों के पौधे एवं फल आमजनों के लिए विक्रय हेतु उपलब्ध रहेंगे। यहां दशहरी, लंगड़ा, चौसा, मालदा, हिमसागर, केसर, अलफांसो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, सिंदूरी और फजली जैसी व्यावसायिक किस्मों के साथ मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरुणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु और अर्का पुनीत जैसी संकर किस्मों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विशिष्ट श्रेणी में हाथीझुल, नूरजहां, लड्डू और गुलाब खास जैसी दुर्लभ किस्मों को शामिल किया गया है, जबकि एक्जोटिक श्रेणी में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स और गोल्डन नगेट्स किस्में आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इसमें आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता, आम सजावट प्रतियोगिता, मैंगो क्विज, फैंसी ड्रेस, आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई प्रतियोगिता शामिल हैं। विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा आमजन पंजीयन कर इन प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे। आयोजन में प्रवेश एवं पंजीयन पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है।
महोत्सव के दौरान आम से बने उत्पाद जैसे पना, शरबत, अचार, चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठाइयों की प्रतियोगिता भी होगी। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा राय आम से बनने वाले विशेष व्यंजन तैयार करना सिखाएंगी। वहीं प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा आम की 11 गुठलियां लाने वाले लोगों को उन्नत किस्म का आम का पौधा प्रदान किया जाएगा।
दूसरे दिन 30 मई को “आम उत्पादन समस्या एवं समाधान” विषय पर तकनीकी सत्र एवं परिचर्चा आयोजित होगी, जिसमें विशेषज्ञ आम उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन एवं शासन की योजनाओं की जानकारी देंगे। तीसरे दिन 31 मई को आम उत्पादक किसानों एवं उद्यमियों की सफलता की कहानियां साझा की जाएंगी।
आयोजन के अंतिम दिन प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का उद्देश्य आम की विविध किस्मों, उत्पादन तकनीकों, प्रसंस्करण एवं रोजगार की संभावनाओं से नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं एवं किसानों को अवगत कराना है।



















