राजस्व अधिकारी हड़ताल पर डटे
अंबिकापुर। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और राजापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच उपजा विवाद अब और गहराता जा रहा है। एक ओर नायब तहसीलदार ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट कराने की मांग की है, वहीं विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा है कि वे हर प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं। इस बीच आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन कलमबंद-कार्यबंद हड़ताल पर चले गए हैं।
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर शुरू हुई हड़ताल के समर्थन में सरगुजा जिले के राजस्व निरीक्षक और पटवारी भी कामकाज छोड़कर आंदोलन में शामिल हो गए हैं। इसके चलते राजस्व विभाग का कामकाज प्रभावित हो गया है। तहसील न्यायालय खुले रहे, लेकिन अधिकांश मामलों में कोई सुनवाई नहीं हो सकी। कार्यालयीन कर्मचारी केवल लंबित कार्यों के निस्तारण में जुटे रहे।
तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों ने अंबिकापुर के कलाकेंद्र मैदान में धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ शासकीय कार्य के दौरान कथित मारपीट, अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा की घटना हुई, लेकिन अब तक मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
संघ ने इसे केवल एक अधिकारी के साथ हुई घटना नहीं, बल्कि संपूर्ण राजस्व प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था की गरिमा पर हमला बताया है। संघ का कहना है कि 29 मई को सामूहिक अवकाश लेकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया था, लेकिन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा।

इधर, नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विवाद की सच्चाई सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विधायक, उनकी बहन और एक अन्य महिला द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। उनका कहना है कि पहले उनका नार्को टेस्ट कराया जाए और उसके बाद विधायक का भी, ताकि पूरे मामले का सच जनता के सामने आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने न तो किसी प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग किया और न ही किसी फाइल को फेंका।
नार्को टेस्ट की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि वे पहले दिन से ही हर प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं। चाहे पुलिस जांच हो या किसी अन्य एजेंसी की, वे पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को यह नहीं सोचना चाहिए कि आरोप लगाकर वह जवाबदेही से बच जाएगा। विधायक ने कहा कि सबसे पहले यह जांच होनी चाहिए कि आखिर ऐसी स्थिति उत्पन्न क्यों हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
विवाद के बीच प्रशासनिक अधिकारियों का आंदोलन और नार्को टेस्ट की मांग ने मामले को नया राजनीतिक और प्रशासनिक आयाम दे दिया है। अब सभी की नजरें जांच और शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।



















