राजनांदगांव। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित संरक्षण प्रदान कर सराहनीय कार्य किया गया। यह कार्रवाई मंडल सुरक्षा आयुक्त चेतन दिलीप राव जिचकर के निर्देशन एवं आरपीएफ पोस्ट राजनांदगांव की प्रभारी निरीक्षक तरूणा साहू के नेतृत्व में की गई।
जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 को दोपहर लगभग 1:30 बजे रेलवे सुरक्षा बल की टीम प्लेटफॉर्म गश्त कर रही थी। इस दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-2 स्थित अक्षिता काउंटर के पास एक नाबालिग बालिका संदिग्ध एवं गुमसुम अवस्था में अकेली बैठी मिली। आरपीएफ जवानों ने बालिका से पूछताछ की, जिसमें उसने घर से बिना बताए निकलकर आने की जानकारी दी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ टीम बालिका को सुरक्षित रूप से रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट राजनांदगांव लेकर आई। इसके बाद उसके परिजनों से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी गई। साथ ही मामले की सूचना चाइल्ड लाइन, जीआरपी तथा स्टेशन प्रबंधन को भी दी गई।
सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने के बाद नाबालिग बालिका को सुरक्षित रूप से चाइल्ड लाइन राजनांदगांव के सुपुर्द कर दिया गया।
रेलवे सुरक्षा बल अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत रेलवे स्टेशनों पर भटकते, लापता अथवा संकटग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इस अभियान के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ लगातार सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।



















