रायपुर। निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रथम चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी प्रदेश में 8,592 सीटें खाली हैं। बीपीएल और पात्र परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर अपेक्षित संख्या में प्रवेश नहीं हो पाने के कारण स्कूल शिक्षा विभाग अब दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
इस वर्ष प्रदेश के 6,865 निजी स्कूलों में कक्षा पहली के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण के तहत कुल 21,975 सीटें निर्धारित की गई थीं। प्रथम चरण की लॉटरी में 15,081 बच्चों का चयन हुआ था, जिनमें से 13,383 बच्चों ने प्रवेश लिया। जबकि 1,698 बच्चों ने आवंटित स्कूलों में प्रवेश नहीं लिया। इसके चलते बड़ी संख्या में सीटें रिक्त रह गई हैं।
नए नियम से घटी आवेदन संख्या
राज्य शासन ने नए शिक्षा सत्र से आरटीई प्रवेश नियमों में बदलाव किया है। अब निजी स्कूलों में केवल कक्षा पहली में ही आरटीई के तहत प्रवेश दिया जा रहा है। इससे पहले नर्सरी और केजी-1 स्तर पर भी प्रवेश की सुविधा थी। नए नियम के कारण इस बार आवेदन और प्रवेश दोनों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पहले चरण में 369 निजी स्कूल ऐसे रहे, जिनके लिए एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। इन स्कूलों में आरटीई के तहत 1,467 सीटें उपलब्ध हैं।
17 जून से शुरू होगा दूसरा चरण
रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया 17 जून से शुरू होगी। इच्छुक अभिभावक 30 जून तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पत्रों और दस्तावेजों का सत्यापन 3 जुलाई तक किया जाएगा। इसके बाद 6 जुलाई को ऑनलाइन लॉटरी निकाली जाएगी। चयनित विद्यार्थियों को 8 से 17 जुलाई के बीच आवंटित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।
जिलावार खाली सीटों की स्थिति
सबसे अधिक रिक्त सीटें बीजापुर जिले में हैं, जहां 2,941 सीटें खाली हैं। अन्य प्रमुख जिलों में रिक्त सीटों की संख्या इस प्रकार है—
• रायपुर – 799
• बिलासपुर – 849
• दुर्ग – 482
• बलरामपुर – 723
• सूरजपुर – 399
• सरगुजा – 386
• दंतेवाड़ा – 377
• रायगढ़ – 279
• जांजगीर-चांपा – 264
• मुंगेली – 245
• बस्तर – 221
• कोंडागांव – 204
• कांकेर – 188
• नारायणपुर – 187
• मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – 181
• बेमेतरा – 164
• कोरबा – 153
इसके अलावा अन्य जिलों में भी दर्जनों से लेकर सैकड़ों सीटें रिक्त हैं।
बच्चों को मिलेगा एक और मौका
शिक्षा विभाग का मानना है कि दूसरे चरण की प्रक्रिया के माध्यम से बड़ी संख्या में रिक्त सीटों को भरा जा सकेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विभाग ने पात्र अभिभावकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है।



















