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मनेंद्रगढ़: तिहरे हत्याकांड में बड़ा अपडेट, 4 आरोपियों ने किया सरेंडर, एक फरार

तिहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना में शामिल चार आरोपियों ने अदालत या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, मामले में फरार आरोपी को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। सरेंडर करने वाले आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी गई है ताकि घटना की पूरी कड़ी को समझा जा सके।

गौरतलब है इस घटना में बीजेपी नेता स​मेत तीन लोगों को उनकी कार में जिंदा जला दिया गया था। जानकारी के अनुसार, कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक अंतर्गत ग्राम नौगई में 16 जून की रात फॉर्च्यूनर कार में पेट्रोल डालकर तीन लोगों को जिंदा जलाने की सनसनीखेज घटना हुई थी। इस मामले में सोनहत पुलिस ने नौ आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1), 109, 190, 191(2), 191(3), 324 और 326(जी) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की है।

फरार चार आरोपियों ने मनेंद्रगढ़ कोतवाली में किया सरेंडर

वारदात के अगले दिन पुलिस ने आरोपी विशाल त्रिपाठी, अक्षय त्रिपाठी, महेंद्र त्रिपाठी और सत्यकुमार त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और गौरव त्रिपाठी फरार चल रहे थे, जिनकी तलाश पुलिस कर रही थी। इसी बीच शनिवार को फरार चार आरोपियों ने मनेंद्रगढ़ कोतवाली पहुंचकर सरेंडर कर दिया। इसके बाद एमसीबी पुलिस ने उन्हें कोरिया पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि मामले में एक आरोपी गौरव त्रिपाठी की तलाश अब भी जारी है।

गौरतलब है कि ग्राम नौगई में हुए इस वीभत्स हत्याकांड में बैकुंठपुर महलपारा निवासी भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष (सोनहत) भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह (56), वीरेंद्र सिंह (28) और नागेंद्र सिंह (54) की मौत हो गई थी। वहीं योगेंद्र सिंह और मयंक सिंह गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज हायर सेंटर में चल रहा है।

एमसीबी एसपी रत्ना सिंह ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस के दबाव के बाद चार आरोपियों ने सरेंडर किया है। मामले में आगे की जांच कोरिया पुलिस द्वारा की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के महलपारा निवासी भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह सोनहत जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष थे। वे कांग्रेस शासनकाल में मध्यप्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव के करीबी माने जाते थे। भूपेश बघेल के कार्यकाल में पार्टी से अनबन के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था।

इन दिनों वे बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े के करीबी बताए जाते थे। बताया जा रहा है कि करीब आठ माह पहले उनके चचेरे भाई के बेटे को सोनहत क्षेत्र के चिरमी रेत घाट का ठेका मिला था। आरोप है कि इसके बाद लल्ला सिंह अन्य रेत घाटों से अवैध उत्खनन (Illegal sand mining) करने वाले वाहनों से 1000-1000 रुपये की वसूली करने लगे थे।

वहीं ग्राम नौगई निवासी और भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के करीबी बताए जाने वाले मनोज त्रिपाठी के कुछ टिपर वाहन भी रेत परिवहन में लगे थे। बताया जाता है कि उनसे भी वसूली की जा रही थी, जिसे लेकर मनोज त्रिपाठी नाराज थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी।

जानकारी की अनुसार 16 जून की शाम रेत खनन व परिवहन को लेकर ही मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी के साथ भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के परिवार के सदस्यों मयंक सिंह, उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह व अन्य ने मारपीट की थी। इसे लेकर निशांत सिंह ने थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इससे भी दोनों परिवारों के बीच रंजिश और बढ़ गई थी।

लल्ला सिंह के परिजनों के अनुसार उसी रात समझौते के उद्देश्य से भरत सिंह, नागेंद्र सिंह, बिरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह व मयंक सिंह ग्राम नौगई में मनोज त्रिपाठी के घर के पास 2 कार से पहुंचे थे। इसकी भनक लगते ही मनोज त्रिपाठी के परिवार के दर्जनभर से अधिक सदस्यों व साथियों ने टिपर वाहन से टक्कर मारकर कार (Burnt in car) को दोनों ओर से घेर लिया।

इसके बाद लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर कार में पेट्रोल छिडक़कर आग लगा (BJP leader died to burnt in car) दी थी। इसके अलावा फरसे व अन्य हथियारों से भी हमला किया था। इस घटना में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके चचेरे भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह की जलकर मौत हो गई थी, जबकि बिरेंद्र सिंह के गर्दन पर फरसे के प्रहार से जान चली गई थी। वहीं योगेंद्र सिंह व मयंक सिंह रायपुर में भर्ती हैं। बता दें कि रेत खनन और परिहवन में अवैध वसूली को लेकर हुए इस जघन्य हत्याकांड ने प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली भी कटघरे में है।

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