रायपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर की विभिन्न शाखाओं में हुए 30 करोड़ रुपये से अधिक के कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। किसानों की शिकायतों के आधार पर सामने आए इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच जारी है, जबकि राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को खाद, बीज और ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का दावा कर रही है।
जानकारी के अनुसार बैंक की शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज और रामचंद्रपुर क्षेत्र की समितियों में वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं। करीब 497 किसानों की शिकायतों की जांच में 30 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था। मामले के सामने आने के बाद दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी। कुछ कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है।
भ्रष्टाचार के कारण बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हुए थे। किसानों को समय पर नकद ऋण, खाद और बीज नहीं मिल पाने से क्षेत्र में नाराजगी बढ़ गई थी। किसानों ने लगातार शिकायतें दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं। इस मामले को लेकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि ईडी मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि निष्पक्ष जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को राहत देने के लिए संबंधित समितियों को कार्ययोजना तैयार करने और पात्र किसानों की सूची मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं। शासन का दावा है कि सूची प्राप्त होते ही ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके साथ ही किसानों को समय पर खाद, बीज और अन्य कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आगामी कृषि सीजन प्रभावित न हो।


















