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AI की ताकत देख Google की 9.3 करोड़ रुपये की नौकरी छोड़ी, अब शुरू करेंगे अपना स्टार्टअप

एआई की वजह से छंटनी की खबरें हम रोजाना पढ़ रहे हैं। लेकिन इन दिनों एक ऐसा शख्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसने एआई की वजह से अपनी करोड़ों रुपयों की जॉब को ठोकर मार दी। गूगल में काम करने वाले यूसुफ इमरान ने सालाना करीब 1 मिलियन डॉलर (करीब 9.3 करोड़ रुपये) की नौकरी छोड़ दी है। उन्होंने बताया कि एआई के बढ़ते चलन, अपनी कंपनी बनाने की इच्छा और गूगल में हुई छंटनी जैसी वजहों ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। गूगल के पूर्व अकाउंट एग्जीक्यूटिव यूसुफ इमरान ने बिजनेस इनसाइडर में प्रकाशित अपने लेख में बताया है कि उन्होंने गूगल की मोटे पैकेज वाली नौकरी छोड़कर खुद का AI स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया है।

गूगल के 41 वर्षीय पूर्व अकाउंट एग्जीक्यूटिव यूसुफ इमरान ने कहा कि गूगल में अच्छी कमाई के बावजूद उन्हें FOMO (कुछ छूट जाने का डर) महसूस हो रहा था क्योंकि OpenAI और Anthropic जैसी AI कंपनियां ऐसे स्टॉक पैकेज दे रही थीं जिनमें जिंदगी बदलने की क्षमता थी। उन्होंने लिखा, “पिछले साल गूगल में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के तौर पर मैंने लगभग 1 मिलियन डॉलर कमाए, लेकिन AI के बढ़ते चलन को देखकर मुझे कुछ ‘FOMO’ महसूस हुआ।” उन्होंने आगे कहा कि अपनी अधिख सैलरी वाली नौकरी की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी उनके लिए अपने स्टार्टअप में हिस्सेदारी रखना था।

1 मिलियन डॉलर कैसे कमाए

सेल्स में लगभग 15 साल बिताने के बाद इमरान 2020 में गूगल से जुड़े। उनका काम कंपनियों को गूगल के AI और मशीन लर्निंग प्रोडक्ट्स अपनाने में मदद करना था। इमरान ने बताया कि गूगल में उनकी बेस सैलरी लगभग 170,000 डॉलर (करीब 1.6 करोड़ रुपये) थी, जबकि उनकी अधिकतर कमाई कमीशन से होती थी, जिससे उनकी सालाना कमाई लगभग 986,000 डॉलर (करीब 9.3 करोड़ रुपये) तक पहुंच जाती थी।

बांग्लादेश से अमेरिका, और फिर गूगल

इमरान ने कहा कि एक प्रवासी परिवार से आने के कारण उनमें कुछ कर दिखाने का जज्बा हमेशा बना रहा। उन्होंने बताया कि जब वह 5 साल के थे, तब उनका परिवार बांग्लादेश से न्यूयॉर्क आकर बस गया था। बचपन से ही उन्हें कड़ी मेहनत और आगे बढ़ने की अहमियत सिखाई गई। उनका कहना है कि ग्राहकों की जरूरतों को समझने और AI तकनीक में विशेषज्ञता ने भी उन्हें आगे बढ़ने में काफी मदद की।

गूगल क्यों छोड़ा

इमरान ने कहा कि काम के अलावा भी AI में उनकी दिलचस्पी बढ़ने लगी थी। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की कोई बैकग्राउंड न होने के बावजूद, उन्होंने ChatGPT, Claude और Gemini का इस्तेमाल करके ऐप्स और साइड प्रोजेक्ट्स बनाने में अपनी रातें और वीकेंड बिताए।

एआई ने बदला नजरिया

इमरान ने कहा कि गूगल में हाल ही में हुई छंटनी ने उनके करियर को देखने का नजरिया बदल दिया। अच्छी खासी स्किल वाले लोगों को अपनी नौकरी खोते हुए देखकर अपनी खुद की कंपनी खोलने वाला उनका इरादा और पक्का होता गया। अप्रैल में इमरान ने गूगल छोड़ दिया और Mangosteen Studio शुरू किया जो सेल्स प्रोफेशनल्स के लिए AI-पावर्ड टूल्स बनाता है।

गुजारा करने के लिए पैसे पहले ही जोड़ लिए थे

उन्होंने कहा कि गूगल छोड़ने का फैसला सोच समझकर लिया गया था। इमरान ने अपने स्टार्टअप को दो साल तक चलाने के लिए 200,000 डॉलर (लगभग 1.9 करोड़ रुपये) और अपने रहने-सहने के खर्च के लिए 150,000 डॉलर (लगभग 1.4 करोड़ रुपये) अलग रखे थे। इमरान ने कहा कि वह ज्यादा से ज्यादा समय तक बिना बाहरी फंडिंग के कंपनी को बढ़ाना चाहते हैं, ताकि मालिकाना हक उनके पास रहे और वह बिजनेस बनाने पर ध्यान दे सकें।

यूसुफ इमरान का मानना है कि AI सिर्फ नौकरियां खत्म नहीं कर रहा, बल्कि लोगों को अपना बिजनेस शुरू करने और नए अवसर बनाने का मौका भी दे रहा है। इमरान ने कहा, “जो लोग अपने करियर में खुद को रुका हुआ महसूस करते हैं या नई चुनौती चाहते हैं, उनके लिए AI कुछ नया बनाने का शानदार अवसर है। जरूरी यह है कि आपके पास किसी क्षेत्र का अनुभव हो। मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं था, लेकिन मैंने 20 साल तक सेल्स से जुड़ी समस्याओं को समझा। यही मेरी सबसे बड़ी ताकत बनी।”

उन्होंने कहा कि Google छोड़ना आसान फैसला नहीं था क्योंकि इसके साथ अच्छी सैलरी और नाम दोनों जुड़े थे। लेकिन उन्हें विश्वास था कि सही समय पर जोखिम उठाना ही आगे बढ़ने का रास्ता है। उन्होंने आगे कहा, “आखिरकार, मुझे एहसास हुआ कि गूगल छोड़ने का मतलब था बहुत सी चीज़ों को पीछे छोड़ना – आर्थिक और पेशेवर, दोनों तरह से। लेकिन मेरे आत्मविश्वास और उस क्षेत्र की जानकारी ने मुझे महसूस कराया कि रिस्क लेने का यही सही समय था।”

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