केंद्र सरकार के नए वक्फ अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ में वर्ष 2006 तक दर्ज सभी वक्फ संपत्तियों को वैध माना गया है। इन संपत्तियों को ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज कर कानूनी मान्यता प्रदान कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत वर्ष 2006 तक विधिवत दर्ज वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड डिजिटाइज कर ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। इससे इन संपत्तियों के स्वामित्व और अभिलेखों में पारदर्शिता आएगी तथा भविष्य में विवादों के समाधान में भी सुविधा मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करना, उनके प्रबंधन को मजबूत बनाना और कानूनी स्थिति को स्पष्ट करना है। इसके साथ ही रिकॉर्ड में दर्ज संपत्तियों की निगरानी और संरक्षण भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
वक्फ बोर्ड की 5000 करोड़ की प्रॉपर्टी को केंद्र से मिली क्लीन चिट
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जों के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों की पहचान कर आगामी दो महीनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की करीब 5000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां दर्ज हैं, जिन्हें अब नए अधिनियम के तहत संरक्षण और कानूनी वैधता प्राप्त हो गई है.
अभियान चलाकर हटाए जाएंगे अवैध कब्जे
बता दें कि केंद्र द्वारा 1 जुलाई को सेंट्रल सिस्टम से जारी की गई सूची में छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के सभी दस्तावेजों को पूरी तरह वैध और प्रमाणित माना गया है. बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, इन कीमती संपत्तियों पर कई रसूखदारों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं. इस सूची के आने के बाद अब छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अपनी प्राइम लोकेशन वाली संपत्तियों से अवैध कब्जे हटाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है.


















