बिलासपुर और आसपास के 14 जिलों की हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रायपुर लोकसभा सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के विकास और उन्नयन के लिए 300 करोड़ रुपये के विशेष केंद्रीय अनुदान की मांग रखी।
मुलाकात के दौरान अग्रवाल ने एयरपोर्ट के विस्तार और सुविधाओं को बेहतर करने से जुड़े मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट सिर्फ न्यायधानी ही नहीं, बल्कि आसपास के करीब 14 जिलों के लोगों के लिए हवाई संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र है।
सांसद बृजमोहन ने केन्द्रीय मंत्री के सामने बिलासपुर एयरपोर्ट (Bilaspur Airport) के उन्नयन का पूरा खाका पेश किया. इसमें केंद्रीय मंत्री के समक्ष बिलासपुर एयरपोर्ट के तकनीकी और अधोसंरचनात्मक विकास का विस्तृत प्रस्ताव रखा. जिसमें एयरपोर्ट को वर्तमान उसी श्रेणी से 4सी श्रेणी में अपग्रेड करने के लिए 300 करोड़ का विशेष केंद्रीय राशि की मांग की गई है.
साथ ही बिलासपुर एयरपोर्ट के मौजूदा 1,500 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 2,885 मीटर करने की बात रखी. रनवे बड़ा होने से यहां नाइट लैंडिंग और बड़े कमर्शियल जेट जैसे बोइंग और एयरबस का संचालन आसानी से हो सकेगा.
सांसद ने कहा कि प्रस्तावित राशि से नए एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर और आधुनिक यात्री टर्मिनल भवन का निर्माण किया जाएगा, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी. श्री अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि बिलासपुर एयरपोर्ट केवल एक शहर तक सीमित नहीं है. यह छत्तीसगढ़ के 14 प्रमुख जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के 3 समीपवर्ती सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए भी हवाई यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है. एयरपोर्ट के उन्नयन से बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़ और आसपास के औद्योगिक व पर्यटन क्षेत्रों को सीधे देश के बड़े शहरों से जोड़ा जा सकेगा.
केंद्रीय उड्डयन मंत्री नायडू ने दिया आश्वासन
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू (Kinjarapu Ram Mohan Naidu) ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत दोनों प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आश्वस्त किया कि बिलासपुर एयरपोर्ट के उन्नयन और रायपुर एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीयकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं.


















