देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण समारोह की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। ध्वजारोहण के दौरान भारतीय सेना की सैन्य अधिकारी कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री मोदी की सहायता करती नजर आईं। समारोह के दौरान कैप्टन सोनिया की मौजूदगी और उनके अनुशासन से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। यूजर्स उनके अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की तारीफ कर रहे हैं।
नारी शक्ति का प्रतीक बताया
लाल किले जैसे ऐतिहासिक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की मौजूदगी को कई लोग नारी शक्ति और भारतीय महिलाओं की बढ़ती भूमिका से जोड़कर देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे देश की बेटियों के बढ़ते योगदान और सशक्तिकरण का प्रतीक बताया।
कौन हैं कैप्टन सोनिया सिंह चौहान?
कैप्टन सोनिया सिंह चौहान भारतीय सेना में एक कमीशंड अधिकारी हैं। 15 अगस्त 2026 को लाल किले पर आयोजित औपचारिक ध्वजारोहण कार्यक्रम और समारोह की प्रक्रियाओं में वह मुख्य रूप से शामिल थीं। सरकार के आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहयोग करने की भूमिका में थीं। हालांकि, फिलहाल उनकी निजी जानकारी, या रेजिमेंट से जुड़ी डिटेल अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई है।
बता दें कि यह समारोह सख्त सैन्य प्रोटोकॉल के तहत आयोजित किया जाता है। इसमें राष्ट्रीय ध्वज और औपचारिक कार्रवाइयों की खास जिम्मेदारियां तय सैन्य कर्मियों को ही सौंपी जाती हैं। इस दौरान कैप्टन सोनिया की मौजूदगी ने तुरंत लोगों का ध्यान खींचा। देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय समारोहों में से एक के दौरान प्रधानमंत्री के ठीक पीछे एक महिला सैन्य अधिकारी की मौजूदगी को लोग खूब सराह रहे हैं। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई विडियोज भी वायरल हो रहे हैं।
लाल किले से पीएम मोदी की अपील
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लाल किले से सभी राजनीतिक पार्टियों से लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू कराने के लिए समर्थन देने की अपील की और कहा कि अब यह मुद्दा राजनीति का शिकार नहीं बने रहना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, “मैं सभी राजनीतिक दलों से लाल किले की प्राचीर से और तिरंगे झंडे की छाया में आग्रह करता हूं कि महिला आरक्षण लागू करके महिला सम्मान में आप भी जुड़िए, आप भी श्रेय लीजिए, लेकिन माताओं-बहनों को उनका हक दिलाइए।”


















