केंद्र सरकार की नमस्ते योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देश में संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पुडुचेरी भी शामिल हैं। योजना के तहत 100 अंकों के मूल्यांकन में सत्यापन, मशीनीकरण, हेल्पलाइन, सामाजिक सुरक्षा और जीरो फेटलिटी जैसे प्रमुख मानकों को शामिल किया गया। इन सभी मानकों पर छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसके आधार पर प्रदेश को देश में संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान मिला है।
मैनुअल सफाई खत्म करने पर जोर
केंद्र ने वर्ष 2023 में नमस्ते यानी नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत स्वच्छता कार्यों में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ खतरनाक परिस्थितियों में हाथ से सफाई कराने की व्यवस्था को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. सफाई के दौरान कर्मचारियों की मौत की घटनाओं को शून्य करना भी योजना का अहम उद्देश्य है.
1,465 कर्मियों का सत्यापन पूरा
छत्तीसगढ़ में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई से जुड़े 1,487 कर्मियों का सर्वे कराया गया है. इनमें से 1,465 का सत्यापन पूरा हो चुका है. प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में 1,428 कर्मियों को पीपीई किट उपलब्ध कराई गई है. वहीं 1,374 कर्मियों को आयुष्मान कार्ड दिए गए हैं. 139 कर्मियों को काम के दौरान सुरक्षा बरतने का प्रशिक्षण भी दिया गया है.
8,527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग
योजना के दायरे में कचरा एकत्र करने वाले वेस्ट पिकर्स को भी शामिल किया गया है. प्रदेश में 8,527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, जिनमें से 6,799 का सत्यापन पूरा हो चुका है. 991 वेस्ट पिकर्स को पीपीई किट दी गई है, जबकि 512 को व्यावसायिक सुरक्षा का प्रशिक्षण मिला है. अब 6,287 वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है.
14420 हेल्पलाइन से मिलेगी मदद
स्वच्छता से संबंधित आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए प्रदेश में 47 ईआरएसयू यानी इमरजेंसी रिस्पांस सैनिटेशन यूनिट्स शुरू की गई हैं. इसके अलावा 14420 हेल्पलाइन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. इसके जरिए जरूरत पड़ने पर स्वच्छता से जुड़ी आपात सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है.
अरुण साव ने दी बधाई
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस उपलब्धि के लिए नगरीय निकायों और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता है. नमस्ते योजना के जरिए कर्मियों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के साथ खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई कराने की प्रथा को समाप्त करने की दिशा में प्रदेश लगातार काम कर रहा है.


















