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साल के पहले चक्रवात का खतरा? बंगाल की खाड़ी में मजबूत हो रहा सिस्टम, जानें किन राज्यों पर असर

मानसून की विदाई के बीच बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम सिस्टम ने चिंता बढ़ा दी है। पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर अंडमान सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब अच्छी तरह चिह्नित हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और अगले 24 घंटे में डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। इसके बाद 22 सितंबर तक इसके डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, सिस्टम 23 सितंबर की सुबह दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान भी जारी किया गया है।

सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में इस सिस्टम के संभावित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ में बदलने की चर्चा है, लेकिन 21 सितंबर तक IMD के आधिकारिक अपडेट में इसे चक्रवात बनने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल मौसम विभाग इसे डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन के रूप में विकसित होने की संभावना के साथ ट्रैक कर रहा है। पश्चिम बंगाल में भी बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। IMD के 21 सितंबर के पूर्वानुमान में 23 से 27 सितंबर के बीच दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति का अनुमान जताया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मौसम जानकारों ने दावा किया है कि दबाव का क्षेत्र अभी उत्तरी अंडमान सागर और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इसकी दिशा पश्चिम और उत्तर पश्चिम है। संभावनाएं जताई जा रहीं हैं कि यह सोमवार को पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है। साथ ही बुधवार सुबह यह पश्चिम-उत्तर पश्चिमी दिशा में बढ़ सकता है और बंगाल की खाड़ी के मध्य और उत्तरी क्षेत्र में पहुंच सकता है।

कहां होगा असर

संघवाद प्रतिदिन ने अलीपुर मौसम विभाग दफ्तर के हवाले लिखा कि पश्चिम बंगाल पर चक्रवात अर्नब का असर हो सकता है। साथ ही इसका असर शुक्रवार तक रहने के आसार हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दबाव का क्षेत्र उत्तर आंध्र प्रदेश के तट और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ रहा है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि बंगाल में सोमवार को कम बारिश हो सकती है, लेकिन मंगलवार को इसमें इजाफा दर्ज किया जा सकता है।

भयंकर होगी बारिश

अनुमान लगाया जा रहा है कि मंगलवार से तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है और बुधवार से शुक्रवार तक भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज और तेज हवा भी चल सकती है, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच ने के आसार हैं। माना जा रहा है कि इनका असर दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर में होगा। वहीं, दक्षिण 24 परगना, पूर्वी और पश्चिम मिदनापुर, पश्चिम वर्धमान, बीरभूम, मुर्शीदाबाद, पुरुलिया और झारग्राम में तेज बारिश के आसार हैं।

अलर्ट जारी

रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को उत्तर बंगाल में कम बारिश के आसार हैं। मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार औऱ गुरुवार को जलपाईगुड़ी और दार्जीलिंग में तेज बारिश हो सकती है। शुक्रवार को जलपाईगुड़ी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावनाएं हैं। शनिवार को लिए दार्जीलिंग, कलिमपोंग, जलपाईगुड़ी और उत्तर दिनाजपुर में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

कितना होगा असर

मौसम जानकार अब तक यह पता नहीं लगा सके हैं कि अगर चक्रवात अर्नब में दबाव बदलता है, तो इसका असर कितना भारी हो सकता है। स्कायमेट की 18 सितंबर की रिपोर्ट में बताया गया था कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल संभावित चक्रवात के दायरे में आ सकते हैं। साथ ही यह भी कहा गया था कि तय नहीं है कि इन राज्यों पर इसका व्यापक असर होगा की।

लौटने लगा मॉनसून

इधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि मॉनसून की वापसी शुरू हो गई है और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से यह लौटने लगा है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 से 28 सितंबर के बीच महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश के आसार है। विदर्भ और मराठवाड़ा में कुछ स्थानों पर तेज से बहुत तेज बारिश होने की उम्मीद है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है।

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