पितृ पक्ष 2026 में श्राद्ध कर्म शुरू करने से पहले कुछ खास कार्यों को पूरा करना बेहद जरूरी माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, यदि इन नियमों और कार्यों की अनदेखी की जाए, तो पितृ नाराज हो सकते हैं और कुंडली में पितृ दोष उत्पन्न हो सकता है, जिसका असर परिवार की सुख-समृद्धि पर पड़ता है. आइए जानते हैं वे 4 महत्वपूर्ण काम कौन से हैं, जिन्हें श्राद्ध लगने से पहले हर हाल में पूरा कर लेना चाहिए.
पितृ पक्ष 2026 में श्राद्ध कर्म शुरू करने से पहले कुछ खास कार्यों को पूरा करना बेहद जरूरी माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, यदि इन नियमों और कार्यों की अनदेखी की जाए, तो पितृ नाराज हो सकते हैं और कुंडली में पितृ दोष उत्पन्न हो सकता है, जिसका असर परिवार की सुख-समृद्धि पर पड़ता है. आइए जानते हैं वे 4 महत्वपूर्ण काम कौन से हैं, जिन्हें श्राद्ध लगने से पहले हर हाल में पूरा कर लेना चाहिए. हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का समय पूरी तरह से पूर्वजों को समर्पित माना गया है. यह 15 से 16 दिनों की अवधि होती है, जिसमें पितरों का तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किया जाता है. मान्यता है कि इन दिनों पितृ धरती पर आते हैं और अपने वंशजों से भोजन व सम्मान की अपेक्षा रखते हैं. यदि उन्हें विधिपूर्वक श्रद्धांजलि दी जाए, तो वे प्रसन्न होकर परिवार को सुख, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद देते हैं. इसके विपरीत, यदि इन नियमों की अनदेखी होती है, तो पितृ दोष जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जो जीवन में बाधाओं का कारण बनती हैं.
शुभ कार्यों को पहले ही निपटा लें
पितृ पक्ष के दौरान विवाह, सगाई, रोका, गृह प्रवेश या किसी भी नए काम की शुरुआत जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. इसलिए यदि आपके घर में कोई जरूरी रस्म या समारोह होना है, तो उसे पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही संपन्न कर लेना चाहिए. ऐसा न करने पर उस कार्य में विघ्न आने की आशंका जताई जाती है.
घर की सफाई पूरी तरह कर लें
श्राद्ध शुरू होने से पहले घर के हर कोने, पूजा स्थान और मुख्य द्वार की अच्छी तरह सफाई कर लेनी चाहिए. पितृ पक्ष के दौरान घर में साफ-सफाई करना या टूटी-फूटी वस्तुओं को हटाना अशुभ माना जाता है. इसलिए घर में पड़ा पुराना कबाड़, टूटे बर्तन या खराब सामान पहले ही बाहर निकाल देना उचित रहता है, ताकि पितृ पक्ष के दौरान घर स्वच्छ और पवित्र बना रहे.
बाल कटवाने और शेविंग जैसे काम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान बाल कटवाना, दाढ़ी बनवाना या नाखून काटना अशुभ माना जाता है. यह भी माना जाता है कि इन दिनों शरीर की साज-सज्जा से जुड़े कार्य वर्जित होते हैं क्योंकि यह समय शोक और श्रद्धा का माना गया है. इसलिए यदि हेयरकट, शेविंग या पार्लर से जुड़ा कोई काम करवाना है, तो उसे पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही पूरा कर लें.
सूखे पौधों की सफाई
घर में या गमलों में यदि कोई पौधा सूख चुका है, तो उसे पितृ पक्ष शुरू होने से पहले हटा देना चाहिए. विशेष रूप से यदि सूखा हुआ पौधा तुलसी का है, तो उसे सम्मानपूर्वक जल में विसर्जित करना शुभ माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि घर में सूखे या मुरझाए पौधे नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं, जो पितृ पक्ष के दौरान अशुभ फल दे सकते हैं.
पितृ पक्ष के दौरान इन बातों का भी रखें ध्यान
केवल पितृ पक्ष से पहले ही नहीं, बल्कि इस दौरान भी कुछ नियमों का पालन जरूरी माना गया है. इन दिनों घर में केवल सात्विक भोजन बनाने की सलाह दी जाती है. मांस, मछली, अंडा, प्याज-लहसुन और मदिरा जैसी चीजों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए. साथ ही, इस अवधि में शांत और संयमित जीवनशैली अपनाने, नकारात्मक विचारों से दूर रहने और पितरों का स्मरण करते हुए दान-पुण्य करने की भी परंपरा है.


















