छत्तीसगढ़ में कुपोषण और एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए सरकार एक नया अभियान शुरू करने जा रही है। इसका नाम ‘हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ रखा गया है। इस अभियान के तहत प्रदेश के हर घर में मुनगा यानी सहजन का पौधा लगाने की योजना बनाई गई है।
हर घर में लगाया जाएगा सहजन का पौधा
सरकार की इस पहल का उद्देश्य लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना और घरों तक पौष्टिक आहार की उपलब्धता बढ़ाना है। अभियान के तहत सहजन के पौधे लगाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि परिवार इसके पत्तों और फलियों का उपयोग भोजन में कर सकें।
कुपोषण और एनीमिया से मुकाबले पर जोर
मुनगा पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसके पत्तों और फलियों को भोजन में शामिल करने से आहार की पोषण गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। सरकार की इस पहल के जरिए कुपोषण और एनीमिया की समस्या से निपटने के प्रयासों को मजबूत करने की तैयारी है।
23 हजार स्कूलों में लगाया जाएगा मुनगा
जानकारी के मुताबिक, राज्य के करीब 23 हजार 500 स्कूलों में मुनगे के पौधे लगाने की तैयारी की जा रही है. इस अभियान को लेकर हाल ही में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में बैठक भी हुई. जिसमें यह भी तय किया गया कि, स्कूलों में पोषण वाटिका बनाई जाएगी और मिड-डे मील में मुनगा की भाजी भी शामिल की जाएगी. अभियान की निगरानी सभी जिलों के कलेक्टर करेंगे. बैठक में पौधे कैसे तैयार करेंगे, उनके रोपण और कैसे पौधों का ध्यान रखा जाएगा साथ ही लगातार इसकी निगरानी कैसे की जाएगी इसपर भी चर्चा किया गया.
डिजिटल तरीके से होगी निगरानी
पौधों की निगरानी और उनकी देखभाल सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा डिजिटल जियो-टैगिंग और लाइव डैशबोर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे पौधे कहां हैं, किस हाल में हैं, उनका ध्यान रखा जा रहा है या नहीं यह देखा जाएगा. वहीं, महिला एवं बाल विकास विभाग इस अभियान का नोडल विभाग होगा.
बच्चों को मिलेगा पोषण
गौरतलब है कि, मुनगा में एक नहीं कई गुण होते हैं. चाहे मुनगा हो या मुनगा के पत्ते दोनों ही पोषण तत्व से भरपूर रहते हैं. मुनगा की पत्तियों और फलियों में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन-ए व विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. अब इस अभियान के तहत सरकारी स्कूल के बच्चों को भी मुनगा की भाजी परोसी जाएगी. जिससे उनका न्यूट्रीशियन इनटेक बहतर हो सकेगा.


















