छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कृषि महाविद्यालय के एक प्रोफेसर की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। कृषि महाविद्यालय कांकेर में पदस्थ प्रोफेसर पीयूषकांत नेताम को पुलिस ने एक छात्रा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि प्रोफेसर ने टेलीग्राम (Telegram) के जरिए छात्रा से अनुचित संपर्क करने और उसे अपने जाल में फंसाने की कोशिश की।
Telegram के जरिए संपर्क करने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, मामले में प्रोफेसर पर छात्रा को टेलीग्राम के माध्यम से संदेश भेजकर अनुचित तरीके से संपर्क करने की कोशिश करने का आरोप है। घटना सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर पीयूषकांत नेताम को गिरफ्तार कर लिया।
प्रोफेसर ने चैटिंग ऐप्स की बजाय ‘टेलीग्राम’ का चयन इसलिए किया क्योंकि उसे लगता था कि शायद यहां चैट और वीडियो भेजना ज्यादा सुरक्षित है और कोई ट्रैक नहीं कर पाएगा. 25 सितंबर को जब उसने छात्रा को अश्लील वीडियो भेजा, तो उसने यह हिसाब नहीं लगाया था कि कानून के हाथ और पीड़िता का हौसला दोनों उससे ज्यादा मजबूत हैं. वीडियो क्लिक करते ही जब स्क्रीन पर अश्लील सामग्री उभरी, तो वह सिर्फ एक फाइल नहीं थी, बल्कि एक गुरु द्वारा अपनी मर्यादा की हत्या का सुबूत था.

प्रोफेसर है, शायद सुधर जाए, इस सोच ने बढ़ाई हिम्मत
शुरुआती दौर में छात्रा ने प्रोफेसर की हरकतों को इसलिए नजरअंदाज किया, जो कि अधिकांश मामलों में देखा जाता है- “अरे, प्रोफेसर हैं, सीनियर हैं, शायद गलती से या मजाक में कह दिया होगा.” लेकिन यही चुप्पी अपराधियों के हौसले बुलंद करती है. जब धमकियां प्रैक्टिकल के नंबरों तक आ गईं, तब पीड़िता को समझ आ गया कि अब चुप्पी साधना भविष्य से समझौता करना है.
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
27 अक्टूबर को जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और थाना सिटी कोतवाली कांकेर में कदम रखा, तो पुलिस महकमे ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्परता दिखाई. थाना प्रभारी और एएसआई भुनेश्वरी भगत के नेतृत्व में टीम ने त्वरित मुखबिर तंत्र एक्टिव किया और 28 अक्टूबर तक आरोपी को कॉलेज परिसर से ही धर दबोचा. इस मामले में पुलिस ने सिर्फ छेड़छाड़ (Section 75, 351 BNS) ही नहीं, बल्कि आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत भी कार्रवाई की है.

















