चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास के क्षेत्र में नया निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है। मौसम विभाग इस सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है। इसके अगले 24 घंटों में गहरे दबाव और अगले 48 घंटों में चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। फिर एक कई दक्षिणी राज्यों पर संकट मंडरा रहा है।
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, अगले 48 घंटे अहम
मौसम विभाग के 29 अक्टूबर के बुलेटिन के मुताबिक, गुरुवार सुबह बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बना। यह लगातार बनने वाला चौथा कम दबाव का क्षेत्र है। इसके और तीव्र होने के आसार हैं। इसके चक्रवाती तूफान में बदलने और एक-दो नवंबर तक तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के तट से टकराने की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है।
इसके बाद अगले 24 घंटों के दौरान इसके दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और आसपास के अंडमान सागर में अवदाब में तब्दील होने का अनुमान है। यानी इस सिस्टम की गतिविधियों पर अगले दो दिनों तक नजर रहेगी। हालांकि, अभी इसे चक्रवाती तूफान घोषित नहीं किया गया है। लेकिन आशंका जताई जा रही है।
किस राज्य पर मंडरा रहा खतरा?
आईएमडी के अनुसार अगर दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना यह दबाव किसी चक्रवाती तूफान में बदलता है, तो इसके चेन्नई के निकट उत्तरी तमिलनाडु के तट को पार करने की संभावना है। यह संभावना इसलिए जताई गई है क्योंकि इससे पहले आया अति भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब तमिलनाडु के तट से टकराए बिना आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ गया था। पूर्वोत्तर मॉनसून के सक्रिय और जोरदार बने रहने के दौरान बंगाल की खाड़ी में लगातार बनने वाला यह चौथा मौसमी प्रणाली है। पहला अरब सागर में बना था, जबकि दूसरा दक्षिणी तटीय तमिलनाडु के ऊपर बना था। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई थी।
यानी अभी सीधा संकट तमिलनाडु पर मंडरा रहा है। इसके अलावा, फिर एक बार आंध्र प्रदेश और ओडिशा इसकी चपेट में आ सकते हैं। हालांकि ये अभी अनुमान है। असली हकीकत अगले 48 घंटे में पता लगेगी।
चक्रवात अर्नब का क्या हुआ?
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को प्रभावित किया था। इसके असर से कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलीं। इसके बाद यह सिस्टम कमजोर पड़ने लगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 29 अक्टूबर के अपडेट के मुताबिक, अर्नब से जुड़ा सिस्टम आगे बढ़ते हुए कमजोर होकर अवदाब में बदलने की प्रक्रिया में है। इसके कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा और आसपास के इलाकों में बारिश का असर बना रह सकता है।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री ने चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव को देखते हुए बृहस्पतिवार को आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की और लोगों की मुश्किलें कम करने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार रात जारी बुलेटिन में कहा था कि तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्र में बना भीषण चक्रवाती तूफान पिछले छह घंटों के दौरान लगभग आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धीरे-धीरे आगे बढ़ा और कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल गया।

















