छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री अरुण साव गुरुवार को अचानक निरीक्षण पर निकले। इस दौरान प्रतापपुर-अंबिकापुर-खड़गवां मार्ग पर महानदी पुल की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और मौके पर ही अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
निरीक्षण के दौरान पुल में खामियां सामने आने पर डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को तत्काल सुधार कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क और पुलों की स्थिति में सुधार के लिए जरूरी कदम जल्द उठाए जाएं, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
सड़क देखकर रुके मंत्री
मिली जानकारी के मुताबिक, डिप्टी सीएम ने सरगुजा दौरे के दौरान अचानक महानदी पुल पर अपना काफिला रुकवाया. और जायजा लेने लगे. मंत्री को सड़क की हालत संतोषजनक नहीं मिली. जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों से सवाल किए कि समय पर मरम्मत का काम क्यों नहीं कराया गया. मंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई.
हादसे का इंतजार कर रहे हो-डिप्टी सीएम
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से नराजगी जताते हुए पूछा कि, जब तक कोई हादसा नहीं हो जातातब तक मरम्मत का कार्य नहीं कराया जाएगा. मंत्री ने कहा कि, इतना बड़ा ब्रिज होने के बावजूद इसकी हालत खराब है. यही नहीं मंत्री ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि, अगर इसी वजह से दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा.
मंत्री ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि, अगर हर सड़क और पुल की कमी उन्हें खुद मौके पर आकर बतानी पड़ेगी तो फिर विभागीय निरीक्षण और निगरानी का क्या मतलब है. उन्होंने निर्देश दिए कि, उन्हें खुद फील्ड में जाकर सड़कों और पुलों की स्थिति देखनी चाहिए.


















