बस्तर संभाग के कोंडागांव, कांकेर, बस्तर जिले से एक सुखद और बदलाव भरी तस्वीर सामने आ रही है. सुरक्षा कारणों और नक्सल मोर्चों पर चुनौतियों के चलते पिछले लंबे समय से जो पुलिस बल कैमफ्लाज (चितकबरी) वर्दी का इस्तेमाल कर रहा था. वह अब अपनी पुरानी और पारंपरिक पहचान खाकी में लौट आया है.
अब ‘खाकी’ वर्दी में दिखेंगे बस्तर पुलिस जवान
बस्तर में लौटती शांति और बेहतर होते सुरक्षा हालातों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यह प्रतीकात्मक निर्णय लिया है. अब जिले के सभी पुलिस अधिकारी और जवान ऑपरेशनल वर्दी को त्याग कर खाकी वर्दी पहनेंगे, जो न केवल सामान्य स्थिति की बहाली का संकेत है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच बढ़ते भरोसे का प्रतीक भी है.
आईजी पी सुन्दरराज ने दी जानकारी
बस्तर आईजी पी सुन्दरराज ने कहा कि उन्होंने बताया कि अब तक जंगल के ऑपरेशन्स के कारण जवान कैमफ्लाज या कॉम्बैट यूनिफॉर्म पहनते थे, लेकिन अब सामान्य पुलिसिंग के लिए जवानों को खाकी वर्दी पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. कोंडागांव, कांकेर, बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे शहरी क्षेत्रों में अब बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी खाकी वर्दी में अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. यह कदम न केवल क्षेत्र में शांति की बहाली को दर्शाता है, बल्कि आम जनता और पुलिस के बीच विश्वास और समन्वय को मजबूत करने की एक नई पहल भी है.
बस्तर की सड़कों पर खाकी की वापसी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि बंदूक और बारूद के शोर के बीच आखिरकार शांति ने अपनी जगह बना ली है. जवानों का इस स्वरूप में दिखना यह साबित करता है कि बस्तर अब युद्ध क्षेत्र से निकलकर सामान्य जनजीवन की ओर मजबूती से बढ़ रहा है.



















