छत्तीसगढ़ सरकार ने आम लोगों के लिए घर खरीदने को और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्री पर लगने वाला अतिरिक्त सेस (Cess) खत्म कर दिया गया है, जिससे मकान या जमीन खरीदने की लागत में सीधी कमी आएगी। सरकार के इस फैसले से खासतौर पर मध्यम वर्ग और पहली बार घर खरीदने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। रजिस्ट्री के दौरान लगने वाले अलग-अलग शुल्कों में यह सेस एक अतिरिक्त बोझ माना जाता था, जिसे हटाने से कुल खर्च कम होगा और रियल एस्टेट सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।
महिलाओं को भी इस फैसले में विशेष प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार ने महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्री कराने पर अतिरिक्त छूट देने का प्रावधान किया है। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने को प्रोत्साहन मिलेगा और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार ने सेस खत्म किया
छत्तीसगढ़ सरकार ने अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला सेस समाप्त करने का फैसला लिया है. इससे रजिस्ट्री कराना सस्ता हो जाएगा. इस फैसले से प्रॉपर्टी खरीदने वालों पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ कम हो जाएगा. सरकार ने इसके लिए सोमवार (27 अप्रैल) को नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. इस निर्णय से रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा.
60000 तक की बचत होगी
प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने पर लगने वाला 0.60 फीसदी सेस की अवधि खत्म होने के बाद फायदा मिलेगा. एक अनुमान के मुताबिक एक करोड़ की रजिस्ट्री कराने पर लगभग 60 हजार रुपये की बचत होगी. इससे मिडिल क्लास और इन्वेस्टर्स को लाभ मिलेगा. राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अब सिस्टम को अपडेट कर दिया गया है. इससे मंगलवार से रजिस्ट्री कराने पर लाभ मिलेगा. रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 फीसदी नहीं लगेगा.
महिलाओं को विशेष छूट
राज्य सरकार ने महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने पर विशेष छूट दी है. महिलाओं के नाम पर पंजीकृत संपत्ति के लिए पंजीकरण शुल्क 4 की जगह 2 होगा. इसके लिए मंजूरी भी मिल चुकी है. इसके साथ ही स्टाम्प ड्यूटी को भी घटा दिया गया है. पुरुषो के लिए स्टाम्प ड्यूटी 6.6 फीसदी और महिलाओं के लिए स्टाम्प ड्यूटी 5.48 प्रतिशत कर दी गई है.



















