दिवाली के अगले दिन सूर्य ग्रहण दिखा. अब कुछ दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा में चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) का संयोग बन रहा है. कार्तिक पूर्णिमा छत्तीसगढ़ में धूमधाम से मनाई जाती है लेकिन इस त्योहार पर अब चंद्र ग्रहण का खतरा बन गया है. आखिर चांद कितने समय तक ग्रहण के प्रकोप में रहेगा, आइये जानते हैं.
कार्तिक पूर्णिमा में चंद्रग्रहण का असर
8 नवंबर को पूरे देश में कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाएगी. इसके लिए तैयारी जोरों पर हैं. छत्तीसगढ़ में कार्तिक पूर्णिमा धूमधाम से मनाई जाती है. हर साल रायपुर के महादेव घाट में कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह लोग स्नान करते हैं और दीपदान करते हैं. इस बार सुबह कार्तिक स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को चंद्र ग्रहण का खास ध्यान रखना पड़ेगा क्योंकि इस साल 8 नवंबर की सुबह चंद्रग्रहण लग जाएगा. महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 8:21 बजे चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू हो जाएगा. इसके 12 घंटे बाद यानी शाम 5:21 बजे चंद्र ग्रहण प्रारंभ हो जाएगा. इसके बाद ये ग्रहण 6:19 बजे समाप्त होगा.
आपको बता दें कि कार्तिक पूर्णिमा 7 नवंबर की शाम करीब 4:40 बजे से ही शुरू हो जाएगी जो अगले दिन 8 तारीख की शाम तक रहेगी, लेकिन सुबह से चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू हो जाएगा. इसके बाद कार्तिक पूर्णिमा का स्नान और दीपदान नहीं किया जाएगा. सूतक काल लगने से पहले और चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद ही दीपदान किया जाएगा.
रायपुर के महादेव घाट पर कार्तिक पूर्णिमा में सूतक काल से पहले ही श्रद्धालु दीपदान करने जाएंगे. ग्रहण लगने के पहले ही श्रद्धालु खारुन नदी में स्नान करेंगे और स्नान कर हटकेश्वर महादेव के दर्शन करेंगे. वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी महादेव घाट में दीपदान करने जा सकते हैं क्योंकि हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुबह खारुन नदी पहुंच जाते हैं.
कार्तिक पूर्णिमा 7 नवंबर की शाम करीब 4:40 बजे शुरू होगी, जो कि अगले दिन यानी 8 तारीख की शाम तक रहेगी. इस वजह से दो दिन देव दीपावली है. यदि कोई दीपदान करना चाहता है तो 7 नवंबर की शाम को दीपदान कर सकता है. अगर 8 नवंबर को दीपदान करना चाहते हैं तो ग्रहण खत्म होने तक इंतजार करना होगा. 8 नवंबर को शाम 6.19 बजे ग्रहण खत्म होने के बाद श्रद्धालु स्नान और फिर दीपदान कर सकते हैं.



















