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Chhattisgarh News: अवैध खनन पर हाईटेक शिकंजा, ड्रोन से होगी निगरानी और 10 रूट्स पर लगेंगे ई-चेक गेट

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर खनिज विभाग ने कसी कमर, रायपुर-धमतरी सहित कई जिले होंगे कवर


रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध खनन और ओवर माइनिंग पर लगाम कसने के लिए अब हाईटेक निगरानी तंत्र तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर खनिज विभाग ड्रोन कैमरों से खदानों की एरियल निगरानी और 10 प्रमुख परिवहन रूट्स पर ई-चेक गेट सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।


ड्रोन से होगी खदानों की हाईटेक निगरानी

प्रमुख खदानों और उनके आसपास के इलाकों में ड्रोन कैमरे तैनात किए जाएंगे, जो एरियल सर्वे और 3डी मैपिंग के जरिए खनन गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि खनन तय लीज क्षेत्र के भीतर हो रहा है या सीमा से बाहर भी खुदाई की जा रही है। समय-समय पर मिलने वाले डेटा की तुलना कर ओवर माइनिंग की गतिविधियों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।

शुरुआती चरण में पांच ड्रोन कैमरे सर्विस मोड पर लिए जाएंगे और उनके संचालन के लिए विशेषज्ञों की टीम भी तैनात रहेगी। इन्हें खासतौर पर रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार और बिलासपुर जैसे जिलों की खदानों में लगाया जाएगा, जहां अवैध खनन की शिकायतें सबसे अधिक सामने आती रही हैं। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जंगल और पहाड़ी जैसे दुर्गम इलाकों में भी निगरानी संभव हो सकेगी, जहां पारंपरिक निरीक्षण में अधिक समय और संसाधन लगते हैं। ड्रोन से मिलने वाली हाई-रिजोल्यूशन तस्वीरें और मैपिंग डेटा सीधे विभाग तक पहुंचेगा, जिससे तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी।


10 रूट्स पर ई-चेक गेट से डिजिटल निगरानी

खनिज परिवहन को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए 10 प्रमुख परिवहन रूट्स पर पूरी तरह डिजिटल ई-चेक गेट सिस्टम लागू किया जाएगा। खदान से निकलने वाले हर वाहन का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार होगा। जैसे ही कोई ट्रक चेक गेट से गुजरेगा, उसका वाहन नंबर, खनिज का प्रकार, मात्रा और गंतव्य तुरंत सिस्टम में दर्ज हो जाएगा।

यह व्यवस्था रियल टाइम ट्रैकिंग की सुविधा भी देती है, जिससे अधिकारी किसी भी समय यह देख सकेंगे कि कौन सा वाहन कहां से निकला और कहां तक पहुंचा। पहले जहां कागजी दस्तावेजों में हेरफेर की गुंजाइश रहती थी, वहीं अब डेटा सीधे सिस्टम में दर्ज होने से गड़बड़ी पकड़ना आसान हो जाएगा। इससे ओवरलोडिंग, बिना रॉयल्टी परिवहन और टैक्स चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाएगा।


विभाग की अन्य सख्त व्यवस्थाएं भी जारी

खनिज नियमों में संशोधन कर रेत और गौड़ खनिजों के अवैध उत्खनन पर न्यूनतम 25,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। माइनिंग सर्विलांस सिस्टम और सैटेलाइट मॉनिटरिंग से खदानों की रियल टाइम निगरानी भी जारी है। इसके अलावा खनिज परिवहन में ऑनलाइन ट्रांजिट पास अनिवार्य किए जाने से पिछले पांच वर्षों में 84.47 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है।


इन 5 तरीकों से होता है अवैध खनन

  1. बिना लीज/परमिट खनन — सरकारी अनुमति लिए बिना जमीन खोदना
  2. लीज एरिया से बाहर खनन — अनुमति की सीमा से बाहर खुदाई करना
  3. ओवर माइनिंग — तय सीमा से अधिक खनिज निकालना
  4. बिना रॉयल्टी परिवहन — सरकारी शुल्क दिए बिना खनिज बेचना
  5. फर्जी कागजों से खनन — नकली परमिट या ट्रांजिट पास का इस्तेमाल

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