ट्रेन का कंफर्म टिकट होने का मतलब यह नहीं होता कि आप चाहे उस सीट पर सफर कर या न करें, वो आपके लिए खाली ही रहेगी। बल्कि अगर 2-4 स्टेशन या अगले 1-2 घंटे में आप अपनी सीट पर TTE को नहीं मिले, तो वह आपकी सीट को एनटी (नॉट टर्न अप) के रूप में मान लेता है और RAC पैसेंजर को अलॉट कर देता है। इंटरनेट पर वायरल वीडियो में महिला के साथ TTE नियमों के अनुसार ही चल रहा होता है।
लेकिन महिला उससे भिड़ जाती है और दोनों के बीच ‘नियमों’ को लेकर बहस होती है। टीटीई, महिला को ‘नियम पढ़ने’ को कहता है। इस बीच महिला भी उससे बहस कर रही होती है।
वीडियो बना रही महिला TTE से पूछती है कि ‘आपने पाली में, जोधपुर में टिकट कैंसिल क्यों नहीं की?’ इस पर भड़ककर टीटीई उसे जवाब देता है कि ‘आपका पर्सनल नौकर नहीं हूं मैं, रेल का नौकर हूं।’ लड़की के बार-बार टिकट कैंसिल करने पर सवाल उठाने पर टीटीई ऊंची आवाज में उसे कहता है कि ‘आप पहले नियम पढ़ो न, जहां से बोर्डिंग है, वहां से बोर्डिंग करो न।’
इस बीच महिला चिल्लाने को लेकर टीटीई का वीडियो बनाने लगती है और टीटीई भी महिला हवलदार को बुलाकर बताता है कि ‘महिला जबरदस्ती उसकी वीडियो बना रही है।’ इस वीडियो रानीखेत एक्सप्रेस (15013) का बताया जा रहा है। जिसमें महिला को 2 हजार 650 रुपये का फाइन देना पड़ा है।
कंफर्म टिकट और रेलवे का नियम

- अगर आपके पास 2AC का टिकट है और आप अपने बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ रहे, तो आप परेशान में पड़ सकते हैं।
- ट्रेन छूटने से 24 घंटे पहले तक पैसेंजर के पास बोर्डिंग स्टेशन बदलने का अधिकार होता है।
- अगर पैसेंजर अपना बोर्डिंग प्वाइंट नहीं बदलता। तो TTE उस सीट को NT (नहीं आया) मार्क कर सकता है।
- ऐसा करने पर यह सीट RAC पैसेंजर के लिए उपलब्ध हो जाती है।
- आपात स्थिति में आप रेलवे हेल्पलाइन और IRCTC से मदद मांगकर TTE से रिक्वेस्ट कर सकते हैं कि वह आपकी सीट किसी और को एलॉट न करें।



















