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शासकीय जमीन के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी, 45.21 लाख रुपये ठगने का आरोप

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जमीन बिक्री के नाम पर 45 लाख 21 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शासकीय पट्टे की जमीन को अपना बताकर बिक्री का सौदा करने के आरोप में सिविल लाइन पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने जमीन से संबंधित प्रकरण राजस्व न्यायालय में लंबित होने की जानकारी के बावजूद प्रार्थी से रकम ली और उसे जमीन बेचने का भरोसा दिलाया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

शासकीय पट्टे की जमीन को अपना बताकर किया सौदा

पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर शासकीय पट्टे की जमीन को अपनी बताकर प्रार्थी के साथ बिक्री का सौदा करने का आरोप है। इस दौरान जमीन के बदले कुल 45 लाख 21 हजार रुपये लिए गए। आरोप है कि संबंधित जमीन को लेकर राजस्व न्यायालय में प्रकरण लंबित था। इसके बावजूद आरोपियों ने प्रार्थी को जमीन बेचने का भरोसा दिलाया और उससे रकम प्राप्त की।

सिविल लाइन पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार

मामले की शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने जांच की और कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, विजयापुरम कॉलोनी, सरकंडा निवासी दीपक सोनी ने 24 अक्टूबर को सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि महर्षि स्कूल रोड, मंगला स्थित नीता डेयरी और गीतांजलि पार्क के पहले ग्राम धमनी में करीब 20 एकड़ जमीन का सौदा सैय्यद शमशाद अली, उसकी पत्नी कमरूनिशा और सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे के माध्यम से तय हुआ था. प्रार्थी के मुताबिक, जमीन खरीदने के लिए उसने अलग-अलग किस्तों में कुल 45 लाख 21 हजार रुपये ऑनलाइन, आरटीजीएस और नकद माध्यम से शमशाद अली और उसकी पत्नी को दिए थे. 

इसके बाद जमीन का सीमांकन कराकर रजिस्ट्री करने को कहा गया. आरोप है कि जमीन के दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी न तो सीमांकन कराया गया और न ही रजिस्ट्री की गई. दस्तावेज उपलब्ध कराने में टालमटोल होने पर प्रार्थी ने स्वयं ऑनलाइन जमीन के रिकॉर्ड की जांच की. इसमें जमीन शासकीय पट्टे की होने की जानकारी सामने आई. इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ करने पर रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं होने के कारण जमीन शासकीय दिखाई देने की बात कही गई. बाद में पुराने राजस्व रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि जमीन को लेकर राजस्व न्यायालय में प्रकरण लंबित है.

शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, प्रार्थी ने आरोप लगाया कि जमीन की वास्तविक स्थिति और राजस्व न्यायालय में मामला लंबित होने की जानकारी के बावजूद आरोपियों ने बेईमानी की नीयत से सौदा कर रकम प्राप्त की. शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन में धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी भादवि में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. पुलिस टीम ने उनके ठिकानों पर दबिश देकर सैय्यद शमशाद अली 71 वर्ष निवासी शीतला मंदिर के पास, तालापारा, सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे 42 वर्ष निवासी कड़ार हिरासत में लिया. पूछताछ के बाद पुलिस ने 26 अक्टूबर को दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया.

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