30 जून से शुरू हो रही कैलास मानसरोवर यात्रा से जुड़ी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यात्रियों के दलों के भोजन-पानी और यात्रा वाहनों को लेकर कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने कमर कस ली है। यात्रियों के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी हुई है। विदेश मंत्रालय की ओर से यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं है। जिसके तहत प्रत्येक यात्री ऐहतियात के तौर 19 तरह की दवाएं ले जा सकेगा। जबकि, लिपुलेख रूट पर यात्रियों को हल्का सामान लेकर चलने की सलाह भी दी गई है।
सामान और दवाओं के नियम
प्रत्येक यात्री को सिर्फ 20 किग्रा सामान ले जाने की इजाजत है। हर बैच को पांच किग्रा प्रति यात्री के हिसाब से कॉमन सामान ले जाने की मंजूरी दी गई है, जिसका इस्तेमाल चीन की ओर खाने-पीने का सामान ले जाने में किया जाएगा। यदि कुल मिलाकर 25 किग्रा प्रति यात्री के हिसाब से ज़्यादा सामान मिला, तो उस पर एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा।
हर बैच के साथ पांच लोगों की सर्विस टीम
हर बैच के साथ पांच लोगों की सर्विस टीम होगी। जिसमें एक डॉक्टर और चार रसोइए शामिल होंगे। मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है, कि वे कुछ जरूरी दवाएं साथ रखें। यात्री ये भी सुनिश्चित कर लें, कि उनके लिए बताई गई दवाएं पर्याप्त मात्रा में उनके पास हों। यात्रा के दौरान, यदि साथ चल रहे डॉक्टर और संपर्क अधिकारी को लगता है कि कोई यात्री आगे बढ़ने को ठीक नहीं है, तो उनका फैसला ही अंतिम होगा। ऐसे मामलों में किसी भी स्थिति में पैसे वापस नहीं किए जाएंगे।
19 तरह की दवाएं ले जा सकेंगे यात्री
क्रोसिन, पैंटोप्राज़ोल, डाइजीन, विटामिन सी 500 एमजी, पुल्व इलेक्ट्रॉल, डायमॉक्स, एंटीबायोटिक, कफ सिरप, लिपसोल, बैंडेज क्लोथ, कॉटन, टिंचर बेंजोइन, एडेसिव प्लास्टर, बैंड ऐड, बीटाडिन लोशन, बोरिक पाउडर आदि ले जाने की अनुमति होगी। वहीं होम्योपैथी का उपयोग करने वाले संबंधित दवा रख सकेंगे।
4 जुलाई को टनकपुर पहुंचेगा पहला दल
कैलास मानसरोवर यात्रा की शुरूआत 30 जून से होगी, जो कि 26 अगस्त तक चलेगी। पहला दल 30 जून से 3 जुलाई तक दिल्ली में पासपोर्ट, वीजा, मेडिकल आदि की प्रक्रिया पूरी करेगा। जिसमें बाद ये दल 4 जुलाई को ये दल टनकपुर पहुंचेगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक मनीष कुमार सिंह का कहना है कि कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए मंत्रालय की ओर से शेड्यूल और अन्य जानकारियां जारी की गईं हैं। यात्रा पार्टनर होने के चलते केएमवीएन यात्रियों के ठहरने, भोजन और ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था करेगा। यात्रा 30 जून से शुरू हो रही है।


















