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मुकेश अंबानी और मार्क जुकरबर्ग की नई साझेदारी, भारत में बनेगा AI डेटा सेंटर; रिलायंस शेयरों में तेजी

दुनिया के शेयर बाजारों में AI की वजह से पिछड़ रहे भारत के लिए गुड न्यूज है। मुकेश अंबानी और मार्क जुकरबर्ग की नई साझेदारी से भारत में पहला AI से लैस डेटा सेंटर स्थापित होने जा रहा है। इस खबर के बाद रिलायंस इंडस्टीज के शेयर शुरुआती कारोबार में ही 1.53 प्रतिशत चढ़कर 1289 रुपये पर पहुंच गए।

सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर की दिग्गज कंपनी Meta ने भारत में अपना पहला AI से लैस डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी की है। यह प्रोजेक्ट गुजरात के जामनगर में विकसित की जाएगी और इसे भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

कब तक बनकर हो जाएगा तैयार

रिलायंस इंडस्ट्रीज 168 मेगावाट क्षमता वाला अत्याधुनिक डेटा सेंटर विकसित करेगी, जिसे अगले दो वर्षों में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में इसकी क्षमता को और बढ़ाने का विकल्प भी मौजूद रहेगा।

रिलायंस संभालेगी पूरी जिम्मेदारी

मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के तहत रिलायंस डेटा सेंटर की डिजाइनिंग, निर्माण, बिजली और यूटिलिटी मैनेजमेंट, रिन्यूअल एनर्जी सप्लाई, नेटवर्क कनेक्टिविटी और मैनेज्ड सर्विसेज जैसी सभी सेवाएं उपलब्ध कराएगी। यह साझेदारी Meta और Reliance के बीच पहले से मौजूद रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगी। दोनों कंपनियां पहले भी भारत और कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए AI आधारित एंटरप्राइज ससॅल्यूशन विकसित करने के लिए संयुक्त रूप से काम कर चुकी हैं।

मुकेश अंबानी ने क्या कहा?

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि यह साझेदारी भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण है। उन्होंने कहा, “Meta जैसी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी के लिए भारत का पहला विशेष AI डेटा सेंटर बनाना इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक AI क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। जामनगर भविष्य में हाइपरस्केल AI कंप्यूटिंग का प्रमुख केंद्र बनेगा।”

Meta के लिए क्यों अहम है यह परियोजना?

Meta के संस्थापक और CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि कंपनी भारत में अपना पहला AI-सक्षम डेटा सेंटर स्थापित करने को लेकर उत्साहित है। उन्होंने कहा, “जामनगर में बनने वाली यह विश्वस्तरीय सुविधा हमारी वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को मजबूत करेगी और भारत की अर्थव्यवस्था में हमारे दीर्घकालिक निवेश को और गहरा बनाएगी।”

AI रेस में भारत की बड़ी छलांग

दुनियाभर में AI तकनीक को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। ऐसे समय में Meta का भारत में AI डेटा सेंटर स्थापित करने का फैसला देश को वैश्विक AI इकोसिस्टम में मजबूत स्थिति दिला सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, बल्कि डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग, AI रिसर्च और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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