ब्रेकिंग खबरें

अपराधराष्ट्रीय

गुवाहाटी में रायपुर पुलिस टीम पर भारी पड़ी दबिश: आरोपी को पकड़ने गई टीम को भीड़ ने घेरा, असम पुलिस ने दर्ज की FIR

रायपुर।  छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस को असम के गुवाहाटी में एक बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ा है। डिजिटल अरेस्ट के जरिए 17.10 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने गई रायपुर की टीम को स्थानीय भीड़ ने बंधक बना लिया। इतना ही नहीं, असम पुलिस ने रायपुर पुलिस के एक निरीक्षक (टीआई) और तीन जवानों के खिलाफ जबरन वसूली (Extortion) और बंधक बनाने की धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) भी दर्ज कर ली है।

भीड़ के दबाव में आई स्थानीय पुलिस

मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के अजाक (AJK) थाने के निरीक्षक रवींद्र कुमार यादव और तीन जवान गुवाहाटी के दिसपुर थाना क्षेत्र के एक मुस्लिम बहुल इलाके में छापेमारी करने पहुंचे थे। पुलिस ने ठगी के आरोपी को हिरासत में ले लिया था, जिसके खाते में धोखाधड़ी के 4 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। इसी दौरान आरोपी के रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों ने रायपुर पुलिस की टीम को घेर लिया।

मौके पर पहुंची दिसपुर पुलिस ने भीड़ के दबाव में रायपुर पुलिस की टीम को थाने ले गई। रायपुर पुलिस ने अपने केस से संबंधित दस्तावेज और बैंक ट्रांजैक्शन के सबूत भी पेश किए, लेकिन स्थानीय पुलिस संतुष्ट नहीं हुई और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर छत्तीसगढ़ पुलिस के खिलाफ ही जुर्म दर्ज कर लिया।

गाड़ी से बरामद हुई नकदी बनी गले की हड्डी

असम पुलिस ने रायपुर पुलिस की गाड़ी से ढाई लाख रुपये बरामद किए हैं। रायपुर पुलिस का दावा है कि यह रकम आरोपी से जब्त की गई ठगी की राशि है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर इसे ‘अवैध वसूली’ का रंग देते हुए पुलिस टीम को घेरा गया। रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और डीसीपी क्राइम स्मृतिक राजनाला ने पुष्टि की है कि टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है और उन्हें पूछताछ के लिए हाजिर होने का नोटिस देकर छोड़ा गया है।

नियमों की अनदेखी और समन्वय का अभाव

नियम के मुताबिक, किसी दूसरे राज्य में कार्रवाई करने से पहले स्थानीय थाने को सूचना देना अनिवार्य होता है। इस मामले में चर्चा है कि रायपुर पुलिस ने संभवतः स्थानीय पुलिस को भरोसे में नहीं लिया, जिसके कारण यह स्थिति निर्मित हुई। मामला इतना संवेदनशील हो गया कि रायपुर पुलिस को आरोपी को छोड़कर खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है।

अधिकारियों का पक्ष

रायपुर पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक 17.10 लाख के सायबर फ्रॉड के मामले में आरोपी के पास से 2 लाख रुपये जब्त किए गए थे। कार्रवाई के दौरान भीड़ ने विरोध किया और अपहरण व वसूली के झूठे आरोप लगाए। हमारी टीम लगातार असम पुलिस के संपर्क में है और जांच में सहयोग कर रही है। फिलहाल रायपुर पुलिस के अधिकारी वापस लौट रहे हैं, जिनके आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। रायपुर से कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले को सुलझाने के लिए असम रवाना किया गया है।

What's your reaction?

Related Posts