दुर्ग। दुर्ग जिले के उद्यमियों, व्यापारियों और औद्योगिक क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने जा रही है। वाणिज्यिक विवादों के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए राज्य शासन ने दुर्ग में विशेष वाणिज्यिक न्यायालय स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव के प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
विधि एवं विधायी कार्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले से संबंधित वाणिज्यिक मामलों की सुनवाई अब चतुर्थ सिविल जज (सीनियर डिवीजन), दुर्ग के न्यायालय में होगी। इसके लिए उक्त न्यायालय को वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत विशेष वाणिज्यिक न्यायालय के रूप में नामित करने की अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
अब तक इन मामलों की सुनवाई द्वितीय सिविल जज (सीनियर डिवीजन), दुर्ग के न्यायालय में होती थी। नए न्यायालय के गठन से वाणिज्यिक विवादों का समयबद्ध निपटारा संभव होगा और लंबित मामलों के तेजी से निराकरण में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि इस निर्णय से जिले के उद्योगों और व्यापारिक संस्थानों को न्यायिक प्रक्रिया में तेजी का लाभ मिलेगा। साथ ही निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ दुर्ग का औद्योगिक और कारोबारी वातावरण भी अधिक मजबूत होगा।


















