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म्यूल अकाउंट से 4.53 करोड़ का ट्रांजैक्शन, आरोपी को 3 साल की जेल; कोर्ट ने सुनाई सजा

साइबर क्राइम के जरिए ठगी गई करोड़ों रुपये की रकम को बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त करने और उसके लेन-देन में खातों का इस्तेमाल करने के मामले में मुंगेली न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मामले में आरोपी को तीन साल की सजा सुनाई गई है। इस प्रकरण में म्यूल अकाउंट के जरिए 4.53 करोड़ रुपये के लेन-देन का मामला सामने आया है।

म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने या उसकी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए किया जाता है।

थाना सिटी कोतवाली मुंगेली के अपराध क्रमांक 77/2025 के अंतर्गत दर्ज प्रकरण में आरोपी संजीव खांडे को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है. सत्र न्यायाीिश मुंगेली गिरिजा देवी मेरावी ने यह निर्णय सुनाया. प्रकरण के अनुसार, आरोपी संजीव खांडे, उम्र 38 वर्ष, पिता धनोरम, निवासी ग्राम बोदा, थाना फास्टरपुर, जिला मुंगेली पर अपने नाम से तथा अपने परिचितों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर उनका उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में कराने का आरोप था.

 इन बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त लगभग 4 करोड़ 53 लाख 89 हजार 567 रुपए की राशि का लेन-देन किए जाने की बात सामने आई थी. थाना सिटी कोतवाली में दर्ज अपराध के इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111, 317 (2), 317(4), 317 (5) एवं 3(5) के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था.

प्रकरण की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी संजीव खांडे को धारा 317 (2) बीएनएस के तहत दोषी ठहराया और तीन वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई. इसी प्रकरण के अन्य अभियुक्तों को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है. साथ ही प्रकरण में कई आरोपी वर्तमान में फरार बताए गए हैं.

14 गवाहों के माध्यम से अभियोजन पक्ष ने रखा मामला

इस प्रकरण में लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की. उन्होंने कुल 14 गवाहों के माध्यम से न्यायालय के समक्ष प्रकरण को सिद्ध किया. न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपी संजीव खांडे को संबंधित धारा के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई. न्यायालय के इस फैसले से साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में बैंक खातों के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण न्यायिक कार्रवाई सामने आई है. वहीं, प्रकरण के फरार आरोपियों के संबंध में आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है.

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