ब्रेकिंग खबरें

छत्तीसगढ़ट्रेंडिंगबस्तर संभागराष्ट्रीय

कौन हैं गोडबोले दंपती? 1 लाख से ज्यादा मरीजों का मुफ्त इलाज करने पर मिला पद्मश्री सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को देश की 66 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस सूची में छत्तीसगढ़ के चर्चित डॉक्टर दंपती डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले का नाम भी शामिल रहा। दंतेवाड़ा और अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों में वर्षों से चिकित्सा सेवा दे रहे यह दंपती स्थानीय लोगों के बीच “डॉक्टर भैया-भाभी” के नाम से बेहद लोकप्रिय है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का काम लगातार जारी रखा। बताया जाता है कि गोडबोले दंपती ने हजारों जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त इलाज किया है और कई गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान भी चलाए। दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को इलाज उपलब्ध कराने के कारण उन्हें स्थानीय समुदायों में विशेष सम्मान हासिल है।

छत्तीसगढ़ के गोडबोले दंपती को मिला पद्मश्री

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नारायणपुर और अबूझमाड़ में लोगों की सेवा करने वाले डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले को संयुक्त रूप से पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है.

कौन हैं गोडबोले दंपति?

  • डॉ. रामचंद्र गोडबोले और उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले बीते 37 साल से चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं. ये दोनों अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों में लोगों को मुफ्त में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रहे हैं.
  • बारसूर स्थित वनवासी कल्याण आश्रम में रहकर सेवा देने वाले डॉक्टर रामचंद्र गोड़बोले और उनकी पत्नी सुनीता गोड़बोले मूल रूप से महाराष्ट्र के सतारा जिले के रहने वाले है.
  • लगभग 90 के दशक में बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिलें के बारसूर में आकर यहां लगातार सेवा दे रहे हैं.
  • दोनों दंपति अलग अलग क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच जाकर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा सेवा से लेकर नशामुक्ति के क्षेत्र में काम कर रहे है.
  • बस्तर संभाग के अबूझमाड़ के अंदरुनी गांवों में नक्सल दहशत होने के बाद भी स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने में अहम योगदान दी. इन्होंने कुष्ठ रोग, टीबी, पीलिया, मलेरिया जैसे गम्भीर बीमारियों को लेकर आदिवासी ग्रामीणों के बीच जाकर जागरूकता फैलाई.

1 लाख मरीजों का कर चुके हैं मुफ्त इलाज

बता दें कि डॉक्टर दंपती लंबे समय से आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में लोगों का इलाज कर मानव सेवा का काम कर रहे हैं. उन्होंने अब तक 1 लाख से ज्यादा मरीजों का फ्री में इलाज किया है. उनके इस समर्पण और सेवा को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा है.

सीएम साय ने दी बधाई

पद्मश्री मिलने पर डॉक्टर दंपती को सीएम विष्णु देव साय ने भी बधाई दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा बस्तर के सुदूर जनजातीय अंचलों में दशकों से निःस्वार्थ चिकित्सा सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं मानवता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत करने वाले डॉ. रामचंद्र गोडबोले जी एवं सुनीता गोडबोले जी को पद्म श्री सम्मान से अलंकृत किया जाना समूचे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है.

What's your reaction?

Related Posts