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RPF का ‘मिशन जीवन’: सिकंदराबाद-रायपुर एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी, RPF और मेडिकल टीम ने चलती ट्रेन में कराया सुरक्षित प्रसव

  • ट्रेन नंबर: 12771 सिकंदराबाद–रायपुर एक्सप्रेस (General Coach)
  • महिला यात्री: भारती (उम्र 22 वर्ष), निवासी- पिपरिया, कबीरधाम (छत्तीसगढ़)।
  • रियल हीरो: महिला आरक्षक प्रतीक्षा भदोरिया, सफ़ाई कर्मचारी चंदा बोरकर और रेलवे डॉक्टर तेजा जिन्होंने ऐन वक्त पर सूझबूझ दिखाई।

डोंगरगढ़। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बार फिर अपनी तत्परता और संवेदनशीलता से एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु (Newborn Baby) की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की है। सिकंदराबाद से रायपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में एक 22 वर्षीय महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा (Labor Pain) शुरू हो गई। सूचना मिलते ही डोंगरगढ़ स्टेशन पर आरपीएफ की टीम ने मुस्तैदी दिखाई और ट्रेन के भीतर ही महिला का सुरक्षित प्रसव (Safe Delivery) कराया गया। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

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यह सराहनीय कार्य दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) नागपुर मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त (DSC) चेतन दिलीप राव जिचकार के मार्गदर्शन तथा आरपीएफ पोस्ट डोंगरगढ़ प्रभारी (Inspector) तरुणा साहू के नेतृत्व में किया गया।

कंट्रोल रूम से मिली थी सूचना (Quick Action)

जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को नागपुर के डिवीजनल सिक्योरिटी कंट्रोल रूम (Divisional Security Control Room) से डोंगरगढ़ आरपीएफ को सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 12771 सिकंदराबाद–रायपुर एक्सप्रेस (Secunderabad-Raipur Express) के जनरल कोच में सफर कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक तेज लेबर पेन शुरू हो गया है।

सूचना मिलते ही डोंगरगढ़ स्टेशन पर तुरंत इमरजेंसी रिस्पॉन्स (Emergency Response) एक्टिव किया गया। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंची, सहायक उप निरीक्षक (ASI) एस.के. वर्मा, आरपीएफ स्टाफ, रेलवे डॉक्टर तेजा, और जीआरपी (GRP) प्रभारी सुश्री जया कुर्रे अपनी टीम के साथ वहां तैनात मिले।

🤱 ट्रेन के भीतर ही हुआ सुरक्षित प्रसव (Safe Delivery inside Train)

महिला यात्री भारती (उम्र 22 वर्ष), जो अपने पति जितेंद्र के साथ पिपरिया (जिला कबीरधाम/कवर्धा) जा रही थीं, उनकी हालत बिगड़ती देख महिला आरक्षक (Lady Constable) प्रतीक्षा भदोरिया और सफाई कर्मचारी चंदा बोरकर ने कोच के भीतर ही मोर्चा संभाला। उनके सहयोग से महिला का सुरक्षित प्रसव ट्रेन के अंदर ही संपन्न हुआ।

अस्पताल में कराया गया भर्ती: प्रसव के तुरंत बाद रेलवे डॉक्टर ने मां और नवजात शिशु को प्राथमिक उपचार (First Aid) दिया। इसके बाद आरपीएफ टीम ने तत्परता दिखाते हुए 108 एम्बुलेंस (Ambulance) के जरिए दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), अछोली में शिफ्ट किया, जहां डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं।

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