रेलवे के विकास कार्यों और आधुनिक बुनियादी ढांचे की अक्सर तारीफ होती है, लेकिन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर मंडल में बन रहा एक नया ओवरब्रिज अब अपने डिजाइन को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। जयरामनगर-गतौरा स्टेशनों के बीच परसदा फाटक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज का यू-टर्न रोड डिजाइन चर्चा का विषय बन गया है।
ओवरब्रिज की तस्वीर सामने आने के बाद इसके निर्माण और सड़क की बनावट को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। जिस परियोजना से लोगों को रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है, उसी का डिजाइन अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
यू-टर्न रोड डिजाइन पर उठे सवाल
परसदा फाटक पर बन रहे ओवरब्रिज की सड़क का यू-टर्न डिजाइन देखकर लोग इसकी उपयोगिता और व्यावहारिकता पर सवाल उठा रहे हैं। सवाल यह है कि क्या इस तरह की सड़क से वाहन चालकों को वास्तव में सुविधा मिलेगी या उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
डिजाइन में क्या हो रही दिक्कत?
रेलवे द्वारा जारी की गई डिजाइन के मुताबिक, रेलवे ट्रैक को पार कर रही गांड़ियों को सीधा रास्ता नहीं मिलेगा. इन गाड़ियों को 180 डिग्री के यू-टर्न से गुजरना पड़ेगा. किनारों पर आ रहा मोड ब्लाइंड स्पॉट जैसी स्थिति बनाएगा. जिससे ऑपोसिट दिशा से आने वाली गाड़ियों को दूसरा छोर दिखाई नहीं देगा. जोकि एक्सीडेंट और सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ाएगा.
कैसे हल हो सकती थी समस्या ?
जानकारी के मुताबिक, रेलवे ने 500 टन क्षमता की दो क्रेन के जरिए चार गर्डर लॉन्च कर निर्माण को तेज करने का दावा किया है पर ड्रोन से सामने आई तस्वीरें कन्सट्रक्शन स्किल पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं.
हालांकि, इसका डिजाइन भी बदला जा सकता था. कोई भी ओवरब्रिज जोकि कम से कम 12 मीटर चौंड़ा हो उसमें दोनों तरफ फुटपाथ और पैरापेट वॉल होना जरूरी है. वहीं, अगर मोड़ हर हाल में देना हो तो गाड़ी की स्पीड और टाइप के मुताबिक ढलान देना जरूरी है. अगर निर्धारित समय नहीं भी मिल रहा था तो, डिजाइन और जगह बदली जा सकती थी.


















