ट्रेंडिंगराष्ट्रीयव्यापार

त्योहारों पर जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम नहीं बढ़ेंगे

नई दिल्ली . केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने भरोसा दिलाया है कि इस त्योहारी सत्र के दौरान आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतें स्थिर रहेंगी. उन्होंने कहा कि देश में गेहूं, चावल, चीनी, खाद्य तेल जैसी जरूरी खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति पर्याप्त है और सरकार कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी नजर रख रही है. आगामी त्योहारों के दौरान इनके दाम बढ़ने की आशंका नहीं है.

यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जब भी जरूरत पड़ती है, सरकार जरूरी कदम उठाती है. सरकार ने हाल ही में अपने नियंत्रण वाले सभी उपायों का उपयोग किया है, चाहे वह व्यापार नीति हो या स्टॉक सीमा मानदंड. चोपड़ा ने कहा कि कीमतों पर नियंत्रण रखने और उन्हें स्थिर रखने के लिए इन तरीकों का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग किया गया है. हम त्योहारी सत्र में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं.

चीनी त्योहार पर कमी नहीं होगी

चोपड़ा ने बताया कि देश में चीनी की कमी नहीं, पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. नए विपणन वर्ष की शुरुआत यानी एक अक्टूबर को चीनी का शुरुआती स्टॉक 57 लाख टन था. अगले 3.5 महीने के लिए चीनी का कुल 85 लाख टन स्टॉक मौजूद है. वहीं, सरकार ने चीनी निर्यात पर अंकुश को इस साल 31 अक्टूबर से आगे अगले आदेश तक बढ़ा दिया है. यह कदम कीमतें स्थिर और घरेलू स्तर पर चीनी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए उठाया है.

गेहूं जरूरत के अनुसार पर्याप्त स्टॉक

31 अगस्त की स्थिति के अनुसार, सरकार के पास 255 लाख टन गेहूं का भंडार था, जबकि जरूरत 202 लाख टन की है. खाद्य सचिव का कहना है कि परिस्थिति के अनुसार खुले बाजार में गेहूं की आक्रामक तरीके से बिक्री की जा सकती है.

खुदरा महंगाई दर में भी आई गिरावट

महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिल रही है. सितंबर में खुदरा महंगाई दर तीन माह के निचले स्तर यानी 5.02 फीसदी पर रही. अगस्त में यह दर 6.83 प्रतिशत थी. इसके पहले जुलाई में रिटेल महंगाई दर 7.44 रही थी, जो कि 15 महीने का उच्चतम स्तर था. सितंबर में महंगाई दर में आई तेज गिरावट का प्रमुख कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आई कमी है.

चावल निर्यात की शर्तों में फिलहाल ढील नहीं

खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चावल के निर्यात को प्रतिबंधित करने के लिए भी कई एहतियाती कदम उठाए हैं. इनमें टूटे हुए चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया. गैर-बासमती सफेद चावल पर 20 का निर्यात शुल्क लगाया गया. 20 जुलाई को गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया. बासमती चावल के न्यूनतम निर्यात (एमईपी) मूल्य में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है.

खाद्य तेल देश के पास अतिरिक्त भंडार

सरकार के अनुसार, देश में वर्तमान में 37 लाख टन खाद्य तेलों का आयात किया गया है, जो पिछले साल के 27 लाख टन से अधिक है. कम वैश्विक कीमतों का फायदा उठाते हुए उद्योग ने इस साल रिकॉर्ड खाद्य तेल का आयात किया है. चोपड़ा ने कहा कि कुल मिलाकर हमारे पास खाद्य तेल का अतिरिक्त भंडार है.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button