रायपुर. छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने तीन वर्षों से अधिक समय से अनुपस्थित 11 चिकित्सा अधिकारियों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की है. वहीं, दो चिकित्सा अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का आखिरी अवसर प्रदान किया गया है.
संचालक स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित 24 चिकित्सा अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित किए जाने के प्रस्ताव पर पांच चिकित्सा अधिकारियों की अनुपस्थिति अवधि को अकार्य दिवस (डायजनान) घोषित किया गया था. इसी तरह छह चिकित्सा अधिकारियों की सेवा समाप्ति कर उनकी अनुपस्थिति अवधि को मूलभूत नियम 17 ‘ए’ व पेंशन नियम के तहत निराकरण करते हुए पृथक विभागीय आदेश जारी किया गया है.
इसके अलावा शेष 13 चिकित्सा अधिकारियों के लिए 1 दिसंबर 2022 को प्रकरण की सुनवाई नियत की गई थी, लेकिन 13 चिकित्सा अधिकारियों में से कोई भी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ और न ही कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया. इनमें से 11 चिकित्सा अधिकारी तीन वर्ष से अधिक समय से और दो चिकित्सा अधिकारी तीन वर्ष से कम समय से अनुपस्थित हैं. शासन द्वारा 11 अनुपस्थित चिकित्सा अधिकारियों के विरुद्ध तीन वर्ष से अधिक समय से अनुपस्थित होने के कारण सेवा समाप्त किए जाने तथा तीन वर्ष से कम की अनुपस्थिति वालों पर विभागीय जांच संस्थित किए जाने का निर्णय लिया गया है.
इनकी 11 डॉक्टरों की सेवा समाप्त
डॉ. सुमीत सोलंकी नवा रायपुर, डॉ. धर्मेंद्र कुमार कबीरधाम, डॉ. रिद्धी अरोरा दुर्ग, डॉ. सुरेंद्र कुमार सिस्टू दुर्ग, डॉ. छवि जांगड़े बेमेतरा, डॉ. पारुल जोगी मस्तुरी, डॉ. तान्या मिश्रा 10 बिस्तर एमसीएच, डॉ. शारदा परिहार मुंगेली, डॉ. शबा परवीन सूरजपुर, डॉ. धनंजय प्रसाद साहू सोनहत और डॉ. कमल कुमार डहिरे फरसाबहार शामिल हैं। साथ ही तीन वर्ष से कम समय से अनुपस्थित दो चिकित्सा अधिकारियों डॉ. ज्योति सोनवानी बेमेतरा व डॉ. अवधेश्वर साय कोटा के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित किया गया है.


















