ब्रेकिंग खबरें

राष्ट्रीय

बैसाखी पर सरेंडर कर सकता है Amritpal Singh, पंजाब में हाई अलर्ट

Amritpal Singh: खालिस्तान समर्थक संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ का भगोड़ा चीफ अमृतपाल सिंह करीब 20 दिनों से फरार है. पंजाब पुलिस अभी तक उसे ढूंढ नहीं पाई है. वह बैसाखी के मौके पर सरेंडर कर सकता है. इस बीच अमृतसर स्थित अकाल तख्त साहिब और भटिंडा के तलबो साबो स्थित श्री दमदमा साहिब, दोनों धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है.

बैसाखी के मौके पर अकाल तख्त की अपील के मुताबिक अमृतपाल सिंह सरेंडर कर सकता है. इस मौके पर पंजाब पुलिस के अधिकारियों की छुट्टियां भी रद्द की गई है. 7 अप्रैल को श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा बुलाई गई मीटिंग में अमृतपाल सिंह से सरेंडर करने को कहा गया था.

बड़े अधिकारियों की छुट्टियां रद्द की गईं

12 से 15 अप्रैल तक श्री दमदमा साहिब में होने वाले धार्मिक समागम के दौरान अमृतपाल के सरेंडर करने की उम्मीद है. पंजाब पुलिस ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा है. तमाम सीनियर अधिकारियों समेत पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की गई हैं. जो अधिकारी पहले से छुट्टी पर थे उन्हें भी ड्यूटी पर लौटने कहा गया है. अधिकारियों को बिना इमरजेंसी छुट्टी न लेने का निर्देश दिया गया है.

बैसाखी से पहले 7 अप्रैल को अकाल तख्त की मीटिंग

बैसाखी के मौके पर आयोजन से पहले श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने 7 अप्रैल को श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो में विशेष बैठक बुलाई है. बैठक में धर्म प्रचार और राष्ट्रीय अधिकारों की रक्षा, विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, चुनौतियों और सिख मीडिया की भविष्य की रणनीति के हित में सिख मीडिया का योगदान पर भी मंथन किया जाएगा. इस बैठक में पंथ, पंजाब और पंजाबियत को समर्पित देश और विदेश से जत्थेदार, सिख पत्रकार, निहंग बुद्धिजीवी और सिख बुद्धिजीवी हिस्सा लेंगे.

अमृतपाल सिंह को कट्टर संगठनों का समर्थन

इससे पहले अकाल तख्त ने 7 अप्रैल को मीटिंग बुलाई थी. मीटिंग में पंजाब पुलिस की कार्रवाई की आलोचना भी की गई थी और अमृतपाल के सभी समर्थकों को 24 घंटे के भीतर रिहा करने का अल्टीमेटम दिया गया था. अमृतपाल को कट्टरपंथी सिख संगठन समर्थन दे रहे हैं. अकाली दल (अमृतसर) के चीफ और लोकसभा सांसद सिमरनजीत सिंह ने तो उसे पाकिस्तान भाग जाने की सलाह दी. वहीं राजनीतिक पार्टी अकाली दल ने भी उसे समर्थन दिया और कानूनी मदद करने का ऐलान किया है.

What's your reaction?

Related Posts