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13 दिन तक चलने वाली बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा 28 जुलाई से शुरू, जानिए पूरी डिटेल

बाबा बूढ़ा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यह यात्रा 28 जुलाई से शुरू होकर 13 दिनों तक चलेगी और इसका आयोजन पुंछ जिले में किया जाएगा। डीआईजी तेजिंदर सिंह ने पुंछ में सुरक्षा स्थिति का निरीक्षण करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। एक प्रवक्ता के अनुसार, पहला जत्था जम्मू के भगवती नगर बेसकैंप से 28 जुलाई को रवाना होगा, जो पुंछ के मंडी तहसील पहुंचेगा। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे, जिनका निरीक्षण जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार और आईजीपी भीमसेन टूटी ने भी किया।

सभी जरूरी इंतजाम

आईजीपी रमेश कुमार ने अधिकारियों से भगवतनी नगर और जम्मू रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क और रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाने के लिए कहा। इससे श्रद्धालुओं की काफी मदद होगी। इसके अलावा राजौरी और पुंछ के डिप्टी कमिश्नर को श्रद्धालुओं के लिए जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिया गया। प्रवक्ता ने बताया कि इसके तहत रास्ते में बिजली सप्लाई, पीने के पानी, लंगर, पार्किंग, वॉटरप्रूफ टेट और मोबाइल टॉयलेट लगाने के लिए कहा गया है। सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए आईजीपी ने टाइमिंग पर खास जोर दिया। साथ यह भी कहाकि आम जनता को पता होना चाहिए कि केवल आधिकारिक दस्ते ही यात्रा कर रहे हैं।

इसलिए कहते हैं बाबा चट्टानी

बाबा बूढ़ा अमरनाथ को लेकर काफी ज्यादा मान्यता है। कहा जाता है कि अमरनाथ यात्रा तब तक पूरी नहीं मानी जाती है जब तक श्रद्धालु बूढ़ा अमरनाथ का दर्शन न कर लें। यहां पर शिवलिंग बर्फ का बना हुआ है। जहां अमरनाथ के शिवलिंग को बाबा बर्फानी कहते हैं। वहीं, बूढ़ा अमरनाथ के शिवलिंग को ‘बाबा चट्टानी’ कहा जाता है। कहा जाता है कि यहां आने वाले सभी भक्तों के मन की मुराद पूरी होती है।

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