नागपुर। जिला व सत्र न्यायालय परिसर में आरडीएक्स बम लगाए जाने और दोपहर 2 बजे से पहले न्यायालय खाली करने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से गुरुवार को हड़कंप मच गया. यह धमकी एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सरकारी ई-मेल आईडी पर भेजी गई थी. ई-मेल की जानकारी मिलते ही सिटी पुलिस के आला अधिकारी और बम शोधक व नाशक दस्ते की टीम मौके पर पहुंच गई. पूरे न्यायालय परिसर की जांच की गई लेकिन किसी प्रकार का विस्फोटक नहीं मिला. इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली. सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में पुलिस की मुस्तैदी बढ़ाई गई है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय, दीक्षाभूमि जैसे महत्वपूर्ण स्थल शहर में होने के कारण नागपुर को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील शहर माना जाता है, इसलिए ऐसी धमकियों को गंभीरता से लिया जाता है. ई-मेल की जानकारी मिलते ही सदर पुलिस ने तत्काल जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी. कुछ ही देर में बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और श्वान पथक मौके पर पहुंच गए और पूरे दिन सघन जांच अभियान चलाया गया. जांच के बाद धमकी झूठी होने की पुष्टि हुई, सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित न्यायालय परिसर में 3 प्रमुख इमारतें हैं- पुरानी पत्थर की इमारत, न्याय मंदिर और नई एल शेप की इमारत. यहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, दिवानी न्यायालय और न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालयों का कामकाज चलता है. प्रति दिन बड़ी संख्या में वकील, कर्मचारी और पक्षकार यहां आते-जाते हैं, अनुमानतः रोजाना 4 से 5 हजार लोगों की आवाजाही रहती है.
सभी वकीलों से सावधान रहने की अपील की गई
इस बीच, जिला वकील संथ के आध्यक्ष एड. रोशन बागडे ने बताया कि ई-मेल के माध्यम से धमकी मिलने के बाद सभी वकीलों को सतर्क रहने की अपील की गई है. न्यायालय परिसर या आसपास कोई भी संदिग्ध वस्तु दिखने पर तुरंत सुरक्षा कर्मियों या पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं. सदर के थानेदार अमोल देशमुख ने बताया कि सामान्यतः न्यायालय में पुलिस सुरक्षा रहती ही है लेकिन सूचना मिलते ही सुरक्षा और बढ़ा दी गई. कुछ ही समय में सदर पुलिस की 2 टीमें, बीडीएस और श्वान पथक मौके पर पहुंच गए. गहन जांच के बाद चमकी निराधार पाई गई, किसी भी तरह की चूक न हो इसके लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है, ई-मेल कहां से भेजा गया इसकी जांच साइबर अपराध शाखा कर रही है.


















