रायपुर। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों पर 16 मार्च को मतदान होना है। वर्तमान में दोनों सीटें कांग्रेस के पास हैं, लेकिन विधानसभा की मौजूदा संख्या बल को देखते हुए इस बार एक-एक सीट भाजपा और कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना है। इसी के साथ दोनों दलों में दावेदारों की सक्रियता तेज हो गई है। खासकर कांग्रेस में अब तक सबसे अधिक नाम सामने आए हैं।
होली के अवसर पर कई संभावित प्रत्याशी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। शुभकामनाएं देने के बहाने वे अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं और बायोडाटा भी सौंप रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रत्याशी चयन में जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दे रही हैं। भाजपा बस्तर या दुर्ग संभाग से किसी नेता को आगे बढ़ा सकती है, जबकि कांग्रेस में सरगुजा संभाग से कई नाम चर्चा में हैं।
कांग्रेस पिछली बार अन्य राज्यों के नेताओं को टिकट देने से उपजे असंतोष को ध्यान में रखते हुए इस बार स्थानीय समीकरणों पर विशेष फोकस कर सकती है। सामाजिक संगठनों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। साहू समाज और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सहित विभिन्न संगठनों ने अपने समाज से प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 16 मार्च को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी। राज्य के 90 विधायक मतदान करेंगे, जिनमें भाजपा के 54, कांग्रेस के 35 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का एक विधायक शामिल है।
क्या है जीत का गणित
नियम के मुताबिक रिक्त सीटों की संख्या में एक जोड़कर कुल विधायकों की संख्या से भाग दिया जाता है। दो सीटों में एक जोड़ने पर संख्या 3 होगी। 90 विधायकों को 3 से विभाजित करने पर 30 आता है, जिसमें एक जोड़ने पर 31 होता है। यानी किसी प्रत्याशी को जीत के लिए न्यूनतम 31 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। यदि इस बार दावेदार मौका चूकते हैं तो उन्हें जून 2028 तक इंतजार करना पड़ सकता है, जब राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन का कार्यकाल समाप्त होगा।
मतदान मतपत्र के माध्यम से होगा और वरीयता अंकित करने के लिए केवल निर्वाचन अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंगनी रंग के स्कैच पेन का ही उपयोग मान्य रहेगा।



















