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जाति प्रमाण पत्र मामलाः मंत्री के अनुमोदन के बाद राज्य शासन करेगा कार्रवाई

प्रभारी ईएनसी का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने का मामला

रायपुर। उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मुख्य अभियंता केके कटारे का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। इस मामले में छानबीन समिति ने कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। छानबीन समिति के आदेश के बाद अब राज्य शासन स्तर पर कार्रवाई शुरू होगी। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विभागीय मंत्री से अनुमोदन लिया जाएगा। मंत्री के अनुमोदन के बाद ही विधिवत र्रिरया शुरू हो पाएगी। मुख्य अभियंता के खिलाफ पूर्व में लगातार शिकायतें हुई हैं। इस आदेश के बाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में अन्य शिकायतों पर भी जल्द सुनवाई और कार्रवाई की सुगबुगाहट बढ़ गई है। जाति प्रमाण पत्र मामले में फंसे अफसर केके कटारे ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के प्रभारी प्रमुख अभियंता भी हैं।

उनके खिलाफ अनुसूचित जाति वर्ग के फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवा को लेकर की गई शिकायतों के लंबे समय बाद छानबीन समिति ने सुनवाई कर आदेश जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में अब राज्य शासन पर नजरें टिकी हुई हैं। विभागीय प्रमुख सचिव द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री से आदेश का पालन सुनिश्चित कराने अनुमोदन लिया जाएगा। प्रशासनिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि अब तत्काल विधिवत कार्रवाई शुरू होगी या रसूख के चलते कार्रवाई का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। दरअसल, छानबीन समिति ने मुख्य अभियंता को छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति वर्ग के आरक्षण का लाभ लेने के लिए अयोग्य पाया है। इधर मुख्य अभियंता के खिलाफ ग्रामीण विकास विभाग में ही कुछ अन्य मामलों में भी वित्तीय अनियमितता के आरोप हैं।

प्रकरण दबाने की भी लगातार चर्च

छत्तीसगढ़ में अविभाजित रायपुर जिले के बिलाईगढ़ में अमरूआ रिकोकला सड़क निर्माण पार्ट-1 एवं पार्ट-2 के तहत सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के मामले में कटारे एवं एक अन्य अफसर पर प्रकरण दबाने की भी लगातार चर्चा रही है। ईओडब्ल्यू द्वारा इस मामले में पूर्वानुमोदन के लिए लगातार अभिमत मांगा गया लेकिन इसमें जांच की जरूरत नहीं बता दिया गया।

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