रायपुर। स्वास्थ्य विभाग के आदेश के बाद एड्स कंट्रोल सोसाइटी में 150 से अधिक पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती किए जाने का मामला विवादों में घिर गया है। आरोप है कि यह भर्ती बिना लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के कराई जा रही है, जिससे भर्ती नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार नवा रायपुर स्थित एड्स कंट्रोल सोसाइटी तथा जिलों में रिक्त पदों को भरने के लिए एक निजी एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि एजेंसी के माध्यम से नियुक्तियां की जाएंगी, जबकि सामान्य तौर पर किसी भी भर्ती में कौशल परीक्षण, लिखित परीक्षा या साक्षात्कार की प्रक्रिया अनिवार्य मानी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहले इन संविदा पदों की भर्ती नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के माध्यम से होती रही है और इस बार भी उसी प्रक्रिया से नियुक्ति की जा सकती थी, लेकिन इसके बजाय आउटसोर्सिंग का रास्ता अपनाया गया है। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अपने चहेते लोगों को नौकरी दिलाने के लिए आउटसोर्सिंग का तरीका अपनाया गया है। साथ ही भर्ती कराने वाली एजेंसी को हर साल भुगतान भी किया जाएगा, लेकिन यह भुगतान किस नियम के तहत होगा, इसे लेकर भी स्पष्टता नहीं है।
बताया जा रहा है कि जिन पदों पर भर्ती प्रस्तावित है उनमें डिप्टी डायरेक्टर से लेकर काउंसलर तक के पद शामिल हैं। आउटसोर्सिंग के कारण स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर कम मिलने की आशंका भी जताई जा रही है। जानकारों का कहना है कि यदि सीधी भर्ती की जाए तो प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को अधिक अवसर मिल सकते हैं। नोडल अफसर डॉ. केआर सोनवानी ने बताया कि एड्स कंट्रोल सोसाइटी में कई पद लंबे समय से खाली हैं। इन्हें भरने का निर्णय स्वास्थ्य विभाग ने लिया है।
गौरतलब है कि एड्स कंट्रोल सोसाइटी प्रदेश में एचआईवी और एड्स की रोकथाम, जांच और उपचार से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन करती है। पहले इसका मुख्यालय कालीबाड़ी में था, जिसे अब नवा रायपुर स्थानांतरित कर दिया गया है।
इन शाखाओं में प्रस्तावित भर्ती
- थर्ड प्रोजेक्ट डायरेक्टर
- एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर
- सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन
- बेसिक सर्विस डिवीजन
- ब्लड सेफ्टी
- लैब सर्विसेस
- केयर, सपोर्ट एंड ट्रीटमेंट (एआरटी)
- टारगेटेड इंटरवेंशन डिवीजन
- लिंक वर्कर्स
- आईईसी डिवीजन
- मेनस्ट्रीम डिवीजन
- एडमिन, प्रोक्योरमेंट और फाइनेंस डिवीजन
क्या है सोसाइटी की जिम्मेदारी
एड्स कंट्रोल सोसाइटी का काम समाज में एचआईवी और एड्स की रोकथाम से जुड़े कार्यक्रम चलाना, नशे के लिए इंजेक्शन का उपयोग करने वालों का उपचार, औद्योगिक क्षेत्रों में सर्वे कर संभावित मरीजों की पहचान करना और उनकी जांच व इलाज की व्यवस्था करना है।



















