भारत ने बीते साल पहलगाम हमले के बाद आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। गुरुवार को इस ऑपरेशन के एक साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर चेता दिया है। ऑपरेशन सिंदूर का नेतृत्व करने वाली टीम ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए साफ शब्दों में कहा है कि यह ऑपरेशन अंत नहीं था, बल्कि अभी तो सिर्फ शुरुआत हुई है। वहीं अभियान का नेतृत्व करने वाले मिलिट्री ऑपरेशंस के डायरेक्टर जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने खास अंदाज में कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद सिर्फ हंगामा मचाना उनका मकसद नहीं था, बल्कि सही मायनों में बदलाव लाना था।
बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने बीते साल 7 मई की आधी रात इस ऑपरेशन को लॉन्च किया था। इससे पहले 22 अप्रैल को पाकिस्तान के पाले हुए आतंकियों ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया था। इस दौरान 100 से ज्यादा आतंकी भी मारे गए थे।
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मकसद नहीं…
ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह के मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने गुरुवार को राजस्थान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी। जनरल घई ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अंत नहीं था। यह सिर्फ एक शुरुआत थी।” उन्होंने दुष्यंत कुमार की एक कविता का हवाला देते हुए आगे कहा, “सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि यह सूरत बदलनी चाहिए। आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी।”
उन्होंने कहा कि इस हमले के एक साल बाद, भारत न सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर को याद करता है, बल्कि इसके पीछे के सिद्धांत को भी याद करता है। पूर्व DGMO ने कहा, “भारत अपनी संप्रभुता, अपनी सुरक्षा और अपने लोगों की रक्षा पूरी दृढ़ता से और पूरी जिम्मेदारी के साथ करेगा।”
निर्णायक मोड़ था ऑपरेशन सिंदूर
गौरतलब है कि लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल एके भारती और वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुखों के तौर पर ऑपरेशन सिंदूर का नेतृत्व किया था। घई ने आगे कहा कि यह सैन्य ऑपरेशन शायद भारत की रणनीतिक यात्रा का एक निर्णायक मोड़ था। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने बहुत सोच-समझकर और तालमेल के साथ अपने पुराने तरीकों और नजरियों से हटकर सीमा के पार आतंकवाद को निशाना बनाया।” उन्होंने बताया कि पाकिस्तान को किस तरह अंत में सीजफायर के लिए गुहार लगानी पड़ी।



















