भारत ने ओमान तट के पास अपने ध्वज वाले एक जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों और आम नाविकों को निशाना बनाना बिल्कुल गलत है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा, “कल ओमान के पास भारतीय जहाज पर जो हमला हुआ, वह स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम इस बात की निंदा करते हैं कि व्यावसायिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को बार-बार हमलों का शिकार बनाया जा रहा है।” सरकार ने स्पष्ट किया कि जहाज पर सवार सभी भारतीय कर्मी सुरक्षित हैं।
सरकार ने बताया कि जहाज पर सवार सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। MEA ने ओमान के अधिकारियों को धन्यवाद दिया और कहा, “सभी भारतीय कर्मी सुरक्षित हैं। हम ओमानी अधिकारियों का उनके बचाव कार्य के लिए शुक्रिया अदा करते हैं।” यह घटना उस समय हुई है जब क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है।
भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। विज्ञप्ति में कहा गया, “व्यावसायिक नौवहन को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक नाविकों को खतरे में डालना या नौवहन की स्वतंत्रता तथा वाणिज्य को बाधित करना पूरी तरह से बचना चाहिए।” भारत ने स्पष्ट किया कि वह समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत दुनिया का एक प्रमुख व्यापारिक देश है और उसके लगभग 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्गों से होता है। पेट्रोलियम, रसायन, खाद्य पदार्थ और अन्य आवश्यक वस्तुओं का परिवहन इन मार्गों पर निर्भर करता है। ऐसे में किसी भी तरह की बाधा से न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है।
विदेश मंत्रालय ने इस घटना में शामिल सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने की अपील की। सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल भी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाए हुए हैं। जहाज की पहचान और हमले की प्रकृति की विस्तृत जांच की जा रही है। इस बीच सभी भारतीय जहाजों को सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई है।
क्षेत्रीय युद्ध की स्थिति
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए हवाई युद्ध और ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद से इस क्षेत्र में संघर्ष अपने चरम पर है। इसके जवाब में, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी है और कई व्यापारी जहाजों पर हमले किए हैं।
भारतीयों पर पूर्व में हुए हमले
इससे पहले भी इस संकट में भारतीय नाविकों को निशाना बनाया जा चुका है। 1 मार्च 2026 को, ओमान के खसाब के उत्तर में तेल टैंकर ‘स्काईलाइट’ पर हुए एक प्रोजेक्टाइल हमले में दो भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे। इसके अलावा, ‘MKD VYOM’ नामक जहाज पर ड्रोन बोट हमले में भी एक भारतीय नाविक की जान चली गई थी और ‘Ayeh’ जहाज पर एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हुआ था।



















