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छत्तीसगढ़ में जानलेवा तपिश से बेहाल जनजीवन, पशु-पक्षी भी हो रहे प्रभावित; 3 दिन आंधी-बारिश की चेतावनी

छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू कहर बरपा रही है। आलम यह है कि भीषण गर्मी से पक्षियों की मौतें भी हो रही हैं। बुधवार को दोपहर के वक्त रायपुर में तेज आंधी के साथ मौसम अचानक बदल गया। मौसम विभाग की मानें तो शुक्रवार यानी 29 मई से 3 दिन तक छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में आंधी और बारिश वाला मौसम देखा जा सकता है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौजूदा वक्त में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में जानलेवा गर्मी पड़ रही है। राजनांदगांव में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रायपुर में लू चलने के आसार हैं और अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना है।

चमगादड़ों की ज्यादा मौतें

भीषण गर्मी से पशु पक्षियों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के दल्लीखोली-लछना जंगल में मोर, मोरनी, एशियन पाम सिवेट समेत 15 से 20 वन्यजीव और पक्षी मृत पाए गए हैं। वहीं कांकेर जिले के सरोना गांव में लू के कारण करीब 500 चमगादड़ों की मौत की जानकारी सामने आई है। इससे पहले कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में भी लगभग 200 चमगादड़ मरे पाए गए थे।

लू के चलते मौत की आशंका

खैरागढ़ वन मंडल के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) पंकज राजपूत ने आशंका जताई है कि भीषण गर्मी और लू के चलते इन वन्यजीवों की मौत हुई है। सभी मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही इन बेजुबानों की मौत की असल वजह सामने आ सकेगी। हालांकि शुरुआती स्तर पर जलस्रोत में किसी जहरीले पदार्थ के मिलने की आशंका भी जताई जा रही है।

वायरल हो गया था वीडियो

बता दें कि वन्यजीव एवं प्रकृति प्रेमी मुकेश वर्मा रविवार दोपहर बर्ड वॉचिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए दल्लीखोली जंगल पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें सबसे पहले एक ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो मरा हुआ मिला था। आसपास जलस्रोत के समीप कई अन्य पक्षियों और जंगली जीवों के शव पड़े दिखाई दिए थे। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया जो वायरल हो गया।

वन विभाग सतर्क

मृत पाए गए वन्यजीवों में एक नर मोर, दो मोरनी, तीन एशियन पाम सिवेट (कबरबिज्जू), एक ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो, एक रुफस ट्रीपाई, एक ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन, एक जंगल आउलेट समेत अन्य पक्षी शामिल हैं। एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में वन्यजीवों की मौत के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है।

29, 30 और 30 मई को आंधी बारिश की चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्र में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। दक्षिण बिहार से उत्तर आंध्र प्रदेश तट तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इन मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से 29 मई से छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव दिखने लगेगा। 29, 30 और 30 मई को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज आंधी के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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