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रायपुर के धान खरीदी केंद्रों में बड़ा खुलासा, 12 समितियों में 6590 क्विंटल धान की कमी; 3 पर FIR दर्ज

राजधानी रायपुर में धान खरीदी केंद्रों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। भौतिक सत्यापन के दौरान जिले की 12 समितियों में कुल 6590 क्विंटल धान शॉर्टेज पाया गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों के मुताबिक अलग अलग समितियों में 229 क्विंटल से लेकर 855 क्विंटल तक धान की कमी दर्ज की गई है। रायपुर धान खरीदी केंद्र शॉर्टेज मामले को गंभीर मानते हुए अब कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।

भौतिक सत्यापन में सामने आई भारी गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार धान खरीदी केंद्रों में स्टॉक की स्थिति जांचने के लिए भौतिक सत्यापन कराया गया था। इस दौरान कई समितियों में रिकॉर्ड के अनुसार मौजूद धान और वास्तविक भंडारण में अंतर पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर बड़ी मात्रा में धान गायब मिला है।

जांच में सामने आया कि कुछ समितियों में शॉर्टेज का आंकड़ा सैकड़ों क्विंटल तक पहुंच गया। रायपुर धान खरीदी केंद्र शॉर्टेज मामले ने सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि यह लापरवाही है या किसी बड़े आर्थिक घोटाले का हिस्सा।

तीन समितियों के खिलाफ FIR

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक तीन समितियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक बाकी समितियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की तैयारी चल रही है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रायपुर धान खरीदी केंद्र शॉर्टेज मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि कहीं फर्जी रिकॉर्ड बनाकर धान की हेराफेरी तो नहीं की गई।

किसानों और सरकारी व्यवस्था पर पड़ सकता है असर

धान खरीदी व्यवस्था छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और किसानों से सीधे जुड़ी हुई है। ऐसे में इस तरह की गड़बड़ियां किसानों के भरोसे को प्रभावित कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते निगरानी नहीं की गई तो सरकारी खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ सकते हैं। रायपुर धान खरीदी केंद्र शॉर्टेज का मामला सामने आने के बाद सरकार पर भी निगरानी तंत्र मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है। स्थानीय स्तर पर भी लोग इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

जांच रिपोर्ट के बाद और बढ़ सकती है कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और सभी समितियों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। जिन समितियों में अनियमितता मिली है, वहां संबंधित कर्मचारियों और प्रबंधकों से जवाब मांगा गया है। आवश्यकता पड़ने पर आर्थिक अपराध शाखा या अन्य एजेंसियों की मदद भी ली जा सकती है। रायपुर धान खरीदी केंद्र शॉर्टेज मामले को लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है। फिलहाल प्रशासन दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटा हुआ है।

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