सूरत साइबर सेल ने 8 दिन तक गांव में रहकर की रेकी, 13.51 लाख की ठगी का खुलासा
सूरत। सूरत साइबर क्राइम सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए असम से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह पूरा रैकेट पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था, जबकि भारत में असम के जरिए ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था। आरोपियों ने एक व्यक्ति को KBC लॉटरी में लाखों रुपये जीतने का झांसा देकर 13.51 लाख रुपये की ठगी की थी।
पुलिस के अनुसार, सूरत निवासी एक व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल कर बताया गया कि उसकी कौन बनेगा करोड़पति (KBC) लॉटरी में 8.50 लाख और 25 लाख रुपये की राशि निकली है। ठगों ने रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग, जीएसटी, आरबीआई क्लियरेंस, इंश्योरेंस और एनओसी फीस जैसे विभिन्न शुल्कों के नाम पर उससे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 13 लाख 51 हजार 450 रुपये जमा करा लिए।
ठगी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपियों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और भारत सरकार के मंत्रालयों के नाम से फर्जी दस्तावेज, ई-लेटर और इलेक्ट्रॉनिक चेक भी भेजे। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उसने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
पाकिस्तान से जुड़े मिले डिजिटल सबूत
साइबर सेल की तकनीकी जांच में पता चला कि पीड़ित को जिन नंबरों से कॉल और संदेश भेजे जा रहे थे, उनके व्हाट्सएप आईपी एड्रेस पाकिस्तान के थे। वहीं ठगी की रकम जिन खातों में जमा कराई गई, वे असम के बैंक खातों से जुड़े थे। इससे स्पष्ट हुआ कि गिरोह का संचालन पाकिस्तान से किया जा रहा था और असम में बैठे सहयोगी धनराशि के लेनदेन का काम संभाल रहे थे।
8 दिन तक गांव में रहकर जुटाई जानकारी
आरोपियों तक पहुंचने के लिए सूरत साइबर सेल की टीम ने असम के नागांव जिले के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में स्थानीय वेशभूषा पहनकर करीब सात से आठ दिन तक बाइक से रेकी की। इसके बाद कोचगांव गांव से 24 वर्षीय इजाजुल हक को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि उसके बैंक खाते का उपयोग ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने बताया कि इजाजुल बाजार से पैसे निकालकर अपने साथी मुजफ्फर अली को देता था। इजाजुल की गिरफ्तारी की भनक लगते ही मुजफ्फर अली ने अपने मोबाइल से कई जानकारियां डिलीट कर दीं, लेकिन फोन बंद नहीं किया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर करीब तीन घंटे तक पीछा करने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
ग्रामीणों ने घेरा, आठ घंटे चला ऑपरेशन
25 मई को सुबह शुरू हुआ यह ऑपरेशन शाम तक चला। कार्रवाई के दौरान गांव के करीब 50 लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया और विरोध किया। स्थानीय पुलिस की मदद से लोगों को समझाया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई और दोनों आरोपियों को उसी रात सूरत लाया गया।
देशभर में 28.68 लाख रुपये की ठगी
गिरफ्तारी के बाद नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर बैंक खातों की जांच में पता चला कि गिरोह ने केवल सूरत ही नहीं, बल्कि गुजरात और झारखंड समेत कई राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाया है। प्रारंभिक जांच में इन खातों के माध्यम से देशभर में 28 लाख 68 हजार 472 रुपये से अधिक की ठगी सामने आई है।
पाकिस्तान के ‘अब्दुल्ला’ से सीधे संपर्क में थे आरोपी
डीसीपी बिशाखा जैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फर अली के मोबाइल फोन से पाकिस्तान निवासी ‘अब्दुल्ला’ के साथ चैट और संपर्क के महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी भारतीय नागरिकों से ठगे गए पैसे एटीएम से निकालकर कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के जरिए पाकिस्तान से निर्देशित अन्य खातों में जमा करते थे।



















