राजधानी रायपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में 8 जून से आठ नई मिनी (ट्रैवलर) सिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। 20 से 22 सीटों वाली ये बसें फिलहाल 45 दिन के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाई जाएंगी। यात्रियों की प्रतिक्रिया और संचालन की व्यवहारिकता के आधार पर आगे बसों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
बस सेवा का पहला रूट टाटीबंध चौक से शास्त्री चौक होते हुए रेलवे स्टेशन तक रहेगा, जबकि दूसरा रूट रेलवे स्टेशन से पचपेड़ीनाका होते हुए भाठागांव स्थित इंटरस्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) तक संचालित होगा। टाटीबंध से रेलवे स्टेशन तक यात्रा के लिए यात्रियों को 25 रुपये किराया देना होगा।
सिटी बस प्रोजेक्ट के प्रभारी प्रदीप यादव ने बताया कि दोनों रूटों पर चार-चार बसें तैनात की जाएंगी। बसों का संचालन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक करने की योजना है। आवश्यकता के अनुसार समय में बदलाव किया जा सकेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए हर 15 से 20 मिनट के अंतराल में बस उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
छोटी सड़कों के लिए बेहतर विकल्प
नगर निगम और जिला प्रशासन ने शहर की अंदरूनी सड़कों की स्थिति को देखते हुए मिनी बसों के संचालन का निर्णय लिया है। आमापारा से शास्त्री चौक तक कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण बड़ी बसों के बजाय छोटी बसों को अधिक उपयुक्त माना गया है। निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने भी इस पायलट प्रोजेक्ट को सार्वजनिक परिवहन के लिए उपयोगी पहल बताया है।
पांच जून को मिलेगा परमिट
पायलट प्रोजेक्ट का संचालन भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन कार्यरत काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) एजेंसी करेगी। एजेंसी की अधिकारी अनन्या झा ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा दोनों रूटों के लिए 5 जून को परमिट जारी किया जाएगा। इसके बाद सोमवार, 8 जून से बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
यात्री स्वीकृति और वित्तीय व्यवहार्यता का होगा आकलन
अनन्या झा के अनुसार पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य यह समझना है कि रायपुर जैसे शहर में मिनी बसें कितनी उपयोगी हैं, उनका संचालन और वित्तीय मॉडल कितना व्यवहारिक है तथा नागरिक इस सेवा को किस हद तक स्वीकार करते हैं। इसके आधार पर भविष्य की सार्वजनिक परिवहन योजनाएं तैयार की जाएंगी।
किराया संरचना
छत्तीसगढ़ राजपत्र के अनुसार मिनी बसों का किराया इस प्रकार निर्धारित किया गया है—
• 0 से 4 किमी तक : 15 रुपये
• 4 से 8 किमी तक : 20 रुपये
• 8 से 12 किमी तक : 25 रुपये
हालांकि राजपत्र में 0 से 4 किमी के लिए 13 रुपये किराया निर्धारित है, लेकिन छुट्टे की समस्या को देखते हुए ऑपरेटर 15 रुपये वसूलेंगे। टाटीबंध से रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग 15.6 किमी होने के कारण इस रूट पर अधिकतम 25 रुपये किराया तय किया गया है।
कम मांग वाले रूटों का भी होगा अध्ययन
पायलट प्रोजेक्ट के दौरान उन मार्गों का भी अध्ययन किया जाएगा जहां यात्री संख्या अपेक्षाकृत कम है या सड़कें संकरी हैं और बड़ी बसों का संचालन संभव नहीं है। साथ ही छात्रों, कर्मचारियों और आम यात्रियों के आवागमन पर पड़ने वाले खर्च और सार्वजनिक परिवहन की जरूरतों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इससे भविष्य में शहर के लिए अधिक प्रभावी और व्यापक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क विकसित करने में मदद मिलेगी।



















